ताजा बर्फबारी से बंद हुआ रोहतांग दर्रा सोमवार देर शाम बहाल हो गया है। हल्के बर्फ के फाहों के बीच बीआरओ ने देर शाम को दोनों तरफ से बर्फ को हटा दिया है। लेकिन वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी है। घाटी में मौसम एक बार फिर बिगड़ गया है। ऐसे में बीआरओ की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीआरओ ने दोनों तरफ से डोजर व स्नो कट्टर की तैनाती की थी। जिला कुल्लू और लाहौल-स्पीति में सोमवार सुबह से मौसम खराब रहा।
चार दिन बाद रोहतांग दर्रा के बहाल होने से लाहौल के लोगों में खुशी है। लेकिन खराब मौसम चिंता का विषय बना हुआ है। घाटी में सेब सीजन के चलते यहां लगभग 60 फीसदी सेब फंसा हुआ है। इसके अलावा कोकसर से लेकर बाराचाला तक वाहन व ट्रक भी जगह-जगह फंसे हुए हैं। रोहतांग दर्रा अधिकारिक तौर पर 15 नवंबर से वाहनों की आवाजाही के लिए बंद होता है।
इसके बावजूद भी बीआरओ दर्रे को मौसम खुला रहने तक यातायात के लिए बहाल रखता है। कई बार रोहतांग दर्रा से 31 दिसंबर तक वाहन आरपार होते रहे। उधर, पर्यटन नगरी मनाली के गुलाबा, कोठी और फातरू में सोमवार को सैलानियों ने बर्फ का खूब आनंद उठाया है। हालांकि सोलंगनाला में बर्फ पिघलने के बाद यहां बर्फ न के बराबर है। ऐसे में सैलानियों ने फातरू, कोठी और गुलाबा का रुख किया।
पिछले हफ्ते हुई ताजा बर्फबारी से कुल्लू-मनाली के पहाड़ चांदी की तरह चमक उठे हैं। बीआरओ के कमांडर कर्नल उमा शंकर ने कहा कि रोहतांग दर्रा के आसपास सोमवार को दिनभर मौसम खराब रहा। इस दौरान शाम के वक्त हल्के फाहे भी गिरे और बीआरओ के जवान दर्रा से बर्फ हटाते रहे। उन्होंने कहा कि देर शाम करीब सात बजे दर्रा से बर्फ हटाकर बहाल किया गया है।