वीरवार को हल्की बर्फबारी के बीच बीआरओ ने दोपहर 3:30 बजे रोहतांग दर्रे को बहाल कर दिया। दोपहर बाद ट्रायल के तौर पर कुछ छोटे वाहन भी दर्रे के आरपार हुए। इस बार कम बर्फबारी के चलते बीआरओ को मार्ग बहाल करने में ज्यादा दिक्कत नहीं आई।
वीरवार को लगभग 300 मीटर के दायरे में शेष बची बर्फ हटाई। शिमला में तैनात बीआरओ दीपक परियोजना के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर मोहन लाल ने बताया कि वीरवार दोपहर बाद रोहतांग में ‘मिशन स्नो क्लीयरेंस’ का काम पूरा कर लिया गया है।
शुक्रवार से रोहतांग दर्रा से केवल सुबह के समय ही छोटे वाहनों को आवाजाही की अनुमति होगी। रोहतांग बहाल होते ही जनजातीय इलाकों के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।
केलांग से जिप सदस्य तेंजिन करपा, पूर्व जिप उपाध्यक्ष रिगजिन हायरप्पा, प्रधान संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कुमार, भाजपा जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष पुष्पा देवी ने कहा कि रोहतांग बहाल होने के बाद अब कुल्लू-मनाली में फंसे जनजातीय किसान और कर्मचारी बिना परेशानी के रोहतांग आरपार कर सकते हैं।
डीसी लाहौल-स्पीति अश्वनी कुमार चौधरी ने बताया कि रोहतांग में सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुक्रवार से वन वे ट्रैफिक व्यवस्था होगी। बीआरओ से मिले इनपुट के आधार पर यह व्यवस्था की गई है।
बीआरओ के मुताबिक रोहतांग क्षेत्र में सड़क की हालत खस्ता और पासिंग के लिए समुचित जगह न होने से वन वे ट्रैफिक शुरू करना ठीक रहेगा। शुक्रवार को मनाली से लाहौल की तरफ आने वाले वाहनों को अनुमति दी जाएगी। शनिवार को लाहौल से मनाली की तरफ वाहनों को छोड़ा जाएगा। सड़क की हालत सुधरने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।