विशेष बात यह रही कि 54 साल बाद आयोजित यह अनुष्ठान स्थानीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने वाला साबित हुआ। मंदिर के प्रमुख राय लाल मेहता ने बताया कि इस बार अनुष्ठान को पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढि़यों को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का परिचय मिल सके। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए और देवताओं के जयकारों, ढोल नगाड़े, रणसीग, करनाल की धुनें गूंजती रहीं। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने लंबे अंतराल के बाद धार्मिक अनुष्ठान हो रहा है। यह अनुष्ठान आस्था को मजबूत करने के साथ लोगों को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के समापन पर शनिवार को देवता नागेश्वर के आशीर्वाद के साथ सामूहिक कल्याण और वर्षभर की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
झड़ग गांव में शुक्रवार को धार्मिक अनुष्ठान शांत की मुख्य रस्म शिखा पूजन से सुबह करीब 9:00 बजे शुरू होगी। शिखा पूजन में मंदिर की छत पर चार दिशाओं का पूजन किया जाता है। उसके बाद फेर शुरू किया जाता है। फेर मे असुरी शक्तियों की से रक्षा के लिए देवता की पालकी के परंपारिक वाध्य यंत्रो हथियारो के साथ खूंद नाचते हैं। साथ ही गांव की परिक्रमा की करते हैं। शिखा और फेर को देखने के लिए हजारो लोगो की भीड़ जुटेगी।
शांत अनुष्ठान में सभी घरों को दिवाली की तरह सजाया
करीब सात गांव की ओर से आयोजित किए जा रहे शांत अनुष्ठान में सभी घरों को दिवाली की तरह सजाया गया गया है। घरों के बाहर मेहमानों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। देवताओ के साथ पहुंचे खूंदो के लिए उनके तंबुओं में भोजन की व्यवस्था है। खूंदो की लिए खानपान के सामान की व्यवस्था मंदिर की ओर से की गई है, लेकिन सभी खूंद भोजन अपने लिए स्वयं तैयार करते है। झड़ग गांव में मंदिर के आसपास खूंद दो रात तंबुओं में गुजारेंगे।
15 किलोमीटर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात
झड़ग गांव में यातायात व्यवस्था के लिए करीब 15 किलोमीटर सड़क पर जगह जगह पुलिस तैनात है। सारी कैंची से लेकर शीलघाट तक पुलिस के जवान हर कदम पर तैनात किए गए हैं। वाहनों की भारी संख्या के बाद भी पहले दिन यतायात सुचारू रूप से चलता रहा। बिजली, पानी और अन्य सेवाओ के लिए सभी विभागों के कर्मचारी दिन रात तैनात किए गए हैं। प्रशासन की ओर से एसडीएम जुब्बल गुरमीत नेगी अपनी टीम के साथ लागातार दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं। झड़ग पंचायत के प्रधान अशोक सारटा ने धार्मिक अनुष्ठान में दिन रात कई दिनो से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया है।