लोक निर्माण विभाग ने बरसात से खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत के लिए प्रक्रिया की शुरू
एक करोड़ से होगा शहर में पैचवर्क और गड्ढों को भरने का काम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मौसम मेहरबान रहा तो राजधानी में बरसात से खस्ताहाल सड़कों की टारिंग का कार्य अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए टेंडर भी अवार्ड कर दिए हैं। विभाग के मुताबिक चार से पांच दिनों तक मौसम साफ रहने के बाद सड़कों की टारिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। विभाग करीब एक करोड़ रुपये से सड़कों की हालत को सुधारने का काम करेगा। इससे शहर के हजारों वाहन चालकों समेत राहगीरों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
शिमला शहर में पिछले तीन महीनों से जारी भारी बारिश के कारण सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। हालत यह है कि कई जगहों पर सड़कों पर इतने गहरे गड्ढे पड़ गए हैं कि इससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। बारिश में इन गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को भी इनका पता नहीं चलता, जिससे दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है, वहीं पैदल चलने वाले लोगों के कपड़े तक खराब हो जाते हैं। शहर में कई सड़कें ऐसी हैं, जहां पर वाहन चलाना दूभर हो गया है।
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पत्थर और मिट्टी से भरे थे गड्ढे
शहर में खस्ताहाल सड़कों में बारिश के कारण गहरे गड्ढे पड़ गए हैं। कई स्थानों पर सड़कों की हालत खस्ता बनी हुई है। इसको देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने पिछले दिनों लोगों को राहत देने के लिए पत्थरों और मिट्टी से गड्ढों को भरा था। इसको लेकर लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे क्योंकि पत्थर और मिट्टी से भरे गए गड्ढे फिर से वैसे ही हो गए थे। हालांकि विभाग का तर्क था कि बारिश होने के कारण अभी सड़कों की टारिंग और पैचवर्क का काम नहीं किया जा सकता है। अब मौसम खुलने की संभावनाओं को देखते हुए विभाग ने शहर की सभी सड़कों की टारिंग के लिए टेंडर आमंत्रित करने के साथ ही उन्हें अवार्ड भी कर दिए हैं। जैसे ही मौसम कुछ दिन साफ होगा और सड़कें सूख जाएंगी तो टारिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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शहर में खस्ताहाल सड़कों की टारिंग के लिए टेंडर अवार्ड कर दिए गए हैं। चार से पांच दिन मौसम खुलते ही सड़कों की टारिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। -दीपक चौहान, अधीक्षक अभियंता, लोक निर्माण विभाग शिमला सर्किल