शिमला। जिला अदालत ने एनडीपीएस के एक मामले में चार आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश (वन) की अदालत ने यह फैसला दिया है।
मामला राजधानी के ढली थाना क्षेत्र में 22 मई 2022 में पंजीकृत किया गया था। शाम 5:35 बजे पुलिस के स्पेशल सेल की टीम ने वाहन की तलाशी के दौरान लोकिंदर (ननखड़ी) और अभिषेक (रामपुर) से 16.22 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। इसके बाद आरोपियों को पुलिस के हवाले किया गया था।आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मामले में अतुल मेहता (ननखड़ी) को भी गिरफ्तार किया। उधर, आरोपी के खिलाफ अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, लेकिन पर्याप्त सबूत न होने के कारण अदालत ने आरोपियों को एनडीपीएस अधिनियम, की धारा 21 और 29 के तहत दंडनीय कथित अपराध के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियुक्तों के विरुद्ध लगाए गए अपराध को उचित संदेहों से परे साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। दूसरा मामला 8 अगस्त 2022 को बालूगंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस टीम ने शोघी में पुलिस बैरियर के पास नालागढ़-शिमला-सोलन रूट की निजी बस में तलाशी के दौरान जुब्बल निवासी दीक्षित शर्मा के कब्जे से 10.65 चिट्टा बरामद किया था। अदालत के मुताबिक अभियोजन पक्ष अपने मामले को किसी भी उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। संवाद