एडवांस्ड स्टडीज से कोटशेरा कॉलेज तक जाने वाली सड़क पर जगह-जगह हुए गड्ढों से लोग परेशान हैं। बारिश के चलते इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भरा हुआ। इस कारण अक्सर दुर्घटना का अंदेशा रहता है। संवाददाता ने इसका जायजा लिया। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट:-क्रॉसर छह माह पहले खोदी सड़क की अभी तक नहीं हुई मरम्मत कीचड़ से होकर कॉलेज विद्यार्थी सफर करने को हैं मजबूर संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। राजधानी के प्रमुख शैक्षणिक क्षेत्र में आईआईएएस (एडवांस्ड स्टडीज) से कोटशेरा कॉलेज को जोड़ने वाली सड़क छह महीने से बदहाल हालत में है। यूआईएलएस और यूआईटी-यूआईबीएस के सामने से गुजरने वाले इस रास्ते पर छह महीने पहले पेयजल परियोजना के लिए खोदाई की गई थी लेकिन इसके बाद सड़क की पूरी तरह मरम्मत नहीं हो सकी।
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बारिश के बाद यहां जगह-जगह कीचड़, पानी से भरे गड्ढे और उखड़े पत्थर राहगीरों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। सड़क के कई हिस्सों में मिट्टी और बजरी फैली हुई है। ढलान होने के कारण बारिश के दौरान यह हिस्सा फिसलन भरा हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी उठानी पड़ रही है। पैदल चलने वालों के लिए भी सड़क किनारे सुरक्षित जगह नहीं बची है। मलबे और गड्ढों के बीच से होकर छात्रों और कर्मचारियों को आवाजाही करनी पड़ रही है। सुबह और दोपहर के समय शैक्षणिक संस्थानों में आने-जाने वालों की संख्या बढ़ने पर स्थिति और खराब हो जाती है। पानी से भरे गड्ढों से गुजरते समय वाहनों के पहियों से उछलकर कीचड़ राहगीरों के कपड़ों पर पड़ता है। कई जगह सड़क इतनी खराब है कि वाहन चालकों को गति बेहद कम करनी पड़ती है।स्थानीय लोगों के अनुसार, पेयजल आपूर्ति परियोजना के लिए सड़क की खुदाई की गई थी। पाइपलाइन बिछाने के बाद कुछ हिस्सों में सड़क को समतल किया गया, लेकिन पूरी तरह पक्की मरम्मत नहीं हुई। बारिश के साथ कच्ची मिट्टी धंसने से गड्ढे बढ़ते गए। इस रास्ते से हिमाचल विश्वविद्यालय, यूआईएलएस, यूआईटी-यूआईबीएस और कोटशेरा कॉलेज आने-जाने वाले लोगों को रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क की स्थायी मरम्मत में समय लग रहा है तो फिलहाल रोड़ी-बजरी डालकर रास्ते को चलने लायक किया जा सकता है। छह महीने से जारी परेशानी के बीच अब लोगों को सड़क की मरम्मत का इंतजार है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए पेयजल कंपनी को आदेश दिए हैं। जल्द ही मरम्मत का कार्य पूरा किया जाएगा।
सड़क पर चलना हो जाता है मुश्किल : आदित्य
स्थानीय निवासी आदित्य ने कहा कि बारिश होते ही सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है। गड्ढों में पानी भर जाता है और पता नहीं चलता कि नीचे गड्ढा कितना गहरा है। रोज इसी रास्ते से कॉलेज जाना पड़ता है।
कपड़ों पर गिरता है कीचड़ : अखिल कॉलेज छात्र अखिल ने कहा कि वाहन गुजरने पर कीचड़ सीधे कपड़ों पर पड़ता है। ढलान पर फिसलन इतनी है कि पैदल चलने में भी संभलकर कदम रखना पड़ता है। कम से कम सड़क को अस्थायी तौर पर समतल किया जाना चाहिए।