11 किलोमीटर की टारिंग के लिए टेंडर किए आमंत्रित अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला से सटे शिमला ग्रामीण और कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्रों में बिटुमेन के बढ़े दामों के कारण अटके टारिंग और पैचवर्क के कार्य बरसात खत्म होते ही शुरू करने की तैयारी है।
बिटुमेन के दाम में कुछ कमी आने और दोनों डिविजन में टारिंग की जाने वाली सड़कों की लंबाई कम कर नए सिरे से कार्य आवंटित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस प्रक्रिया को सितंबर के अंत तक पूरा कर मौसम खुलने के साथ ही टारिंग के बचे कार्य शुरू करने की तैयारी है। लोक निर्माण विभाग के कसुम्पटी डिविजन ने तीन सड़कों पर की जाने वाली 11 किलोमीटर की टारिंग के लिए टेंडर कॉल कर दिए हैं। यह टेंडर नौ सितंबर को खोले जाने हैं। पहले 21 किलोमीटर सड़कों की टारिंग की जानी थी, जिसे घटाकर अब 11 किलोमीटर कर दिया है। इसमें मशोबरा-तत्तापानी सड़क और मेहली-जुन्गा-साधुपुल सड़क पर चार-चार किलोमीटर, जबकि मशोबरा-भेखलटी सड़क पर तीन किलोमीटर की टारिंग की जानी है।
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अधिशासी अभियंता कसुम्पटी नवीन कौंडल ने माना कि तीन सड़कों की टारिंग के टेंडर छठी बार किए हैं। उन्होंने बताया कि बिटुमेन के दाम में कमी आने के बाद किलोमीटर कम कर टारिंग के प्रति क्यूबिक मीटर रेट में 40 फीसदी तक की वृद्धि की है। इससे इस बार टारिंग के इन तीनों कार्यों के लिए आवेदन आने की उम्मीद है। इसके अनुरूप कार्य आवंटित कर दिया जाएगा और मौसम खुलने के साथ ही टारिंग शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे। डिविजन के तहत आने वाली कुछ अन्य सड़कों में उपलब्ध बजट के अनुसार पैचवर्क कर उनकी हालत सुधारने का प्रयास किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के धामी डिविजन के अधिशासी अभियंता राजेश अग्रवाल ने कहा कि बिटुमेन के रेट बढ़ने के कारण अटके सड़कों की टारिंग के कार्य बरसात खत्म होते ही शुरू करने की तैयारी की जा रही है। सभी सड़कों की टारिंग के लिए नए सिरे से टेंडर कॉल किए जा रहे हैं। वहीं क्षेत्र की कई सड़कों में पैचवर्क और मरम्मत-रखरखाव करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बजट की उपलब्धता और विभाग से स्वीकृति मिलने के अनुसार बरसात समाप्त होने तक टेंडर कर दिए जाएंगे।