पैरापिट होते तो टल सकता था बड़ा हादसा
चंबा-तीसा मार्ग पर इंड नाला के समीप आधा किलोमीटर के दायरे में पैरापिट का नामोनिशान न होना वाहन दुर्घटनाओं की वजह बन रहा है। शनिवार सुबह हुए दर्दनाक कार हादसे ने मृतक दंपती के परिवार को ताउम्र न भूलने वाले जख्म दे दिए। दुर्घटना स्थल पर सड़क किनारे यदि पैरापिट होते तो दंपती की जान बच सकती थी। अब इसे विभागीय चूक कहा जाए या लापरवाही। इस स्थान पर अब तक अमूमन 15 सड़क हादसों में 25 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग निद्रा से नहीं जाग पाया है। हादसों में कई परिवार तबाह हो रहे हैं। बावजूद इसके समस्या समाधान न होना चिंता का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दंपती की दो बेटियां और एक बेटा है। उनकी बेटी चंबा कॉलेज में पढ़ती है। शुक्रवार को वे बेटी की परीक्षा के लिए धर्मशाला गए हुए थे। धर्मशाला से लौटने के बाद बेटी को क्वार्टर में छोड़ अपने घर के लिए निकले माता-पिता का सफर अंतिम साबित हुआ। दर्दनाक हादसे में दंपती की कार हादसे में मौत हो गई। यदि इंड नाला के समीप पैरापिट होते तो बड़ा हादसा होने से टल जाता। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। सड़क किनारे पैरापिट लगाने को लेकर प्रयास किए जाएंगे।