ग्रामीण अंचल को साफ-सुथरा रखने की अनूठी मिसाल सामने आई है। हिमाचल प्रदेश की एक पंचायत ने स्थानीय बाशिंदों को प्लास्टिक कचरे के बदले मुफ्त में प्रमाण पत्र या परिवार रजिस्टर की नकल देने की पेशकश की है।
ग्रामीण नमकीन और कुरकुरे आदि के फेंके गए 20 पॉलीथीन रैपर पंचायत को सौंपता है तो उसे बिना किसी शुल्क के प्रमाण पत्रों की प्रति या फिर अन्य कोई भी रिपोर्ट मुहैया करा दी जाएगी। इसी तरह से टॉफी के 30 कवर, शीशे की 10 बड़ी या 20 छोटी बोतलें, प्लास्टिक की 20 बोतलें पंचायत कार्यालय में जमा कराकर कोई भी सर्टिफिकेट ले सकते हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी के बल्ह क्षेत्र की लोअर रिवालसर पंचायत ने स्वच्छता अभियान को कामयाब बनाने के लिए यह अनूठी पहल की है। पंचायत अपने फंड से हर साल इस मुहिम पर साढ़े चार लाख रुपये खर्च करेगी। ग्यारह वार्ड और तीन हजार से ज्यादा आबादी वाली पंचायत लोगों से कचरा भी एकत्रित करेगी।
बदले में नि:शुल्क प्रमाण पत्र देगी। एकत्रित कचरे में से खाद के लिए उपयोगी कचरा अलग किया जाएगा, जबकि प्लास्टिक के सामान को कबाड़ में बेचकर राजस्व जुटाया जाएगा। पंचायत ने इसके लिए प्रति वार्ड कूड़ेदान लगाने और फिर जीप के माध्यम से कचरा एक जगह एकत्रित करने की योजना बनाई है।