बिटुमेन के दामों में 45 फीसदी तक हो चुकी है बढ़ोतरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते तेल तथा घरेलू रसोई गैस के संकट के साथ अब सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले बिटुमेन और एलडीओ ईंधन की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। पीएमजीएसवाई फेज-3 के तहत होने वाले टारिंग का कार्य ठेकेदारों ने बंद कर दिया है। शहर में सड़कों की टारिंग 15 अप्रैल से शुरू होनी है लेकिन इस पर भी संकट खड़ा हो गया है।
बिटुमेन के दामों में 45 फीसदी तक जबकि एलडीओ के दाम 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इससे प्रदेशभर में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के फेज तीन और चार के तहत होने वाली सड़क की टाारिंग का कार्य परी तरह ठप होने की संभावनाएं बनने लगी हैं। दाम में हुई इस बढ़ोतरी के कारण अब तक अवार्ड हो चुके सड़कों का रूटीन टारिंग का कार्य भी ठप हो सकता है।
पेट्रोलियम के इन प्रोडक्ट के रेट बढ़ने से ठेकेदार अब अवार्ड किए कार्य को पिछले रेट पर करने से हाथ खड़े करने लगे हैं। 15 अप्रैल से जून अंत तक रहने वाले टारिंग सीजन के पूरा होने से पहले सरकार और लोक निर्माण विभाग को इस समस्या का हल निकालना होगा। हिमाचल प्रदेश ठेकेदार कल्याण संघ ने बिटुमेन और एलडीओ के रेट बढ़ने के बाद पुराने रेट पर टारिंग का कार्य पूरा करने में पेश आ रही समस्या का हवाला देकर सरकार और विभाग को इससे अवगत करवा दिया है।
डीपीआर में बिटुमेन की दर प्रति किलो 43 रुपये थी जो अब आईओसी की घोषित नई दरों के हिसाब से 86.60 रुपये हो चुकी है। ठेकेदार संघ के अध्यक्ष सतीश विज ने चेताया है कि यदि इस मामले का जल्द समाधान न किया तो इससे पीएमजीएसवाई फेज चार का कार्य समय से पूरा करना मुश्किल हो जाएगा। पीएमजीएसवाई फेज-3 के तहत होने वाले टारिंग के कार्य को बंद कर दिया है। विभाग तर्क दे रहा है कि अनुबंध में बिटुमेन दरों में बढ़ोतरी का नियम है, लेकिन यह भुगतान राज्य के हिस्से से होता है। ठेकेदार कल्याण संघ ने आरोप है कि ठेकेदार के भुगतान करने के बावजूद बिटुमेन आपूर्ति को रोक कर कृत्रिम संकट पैदा किया जा रहा है। बिटुमेन के लिए भुगतान किए जाने के बावजूद 4-4 दिनों तक टैंकर नहीं भरे जा रहे हैं। इससे जाहिर है कि बिटुमेन सप्लाई करने वाली कंपनियां मौके का लाभ उठाकर दाम बढ़ने का इंतजार कर रही हैं। बिटुमेन कच्चे तेल के शोधन से प्राप्त एक गाड़ा, काल, चिपचिपा अर्ध ठोस हाइड्रोकार्बन पदार्थ है। इसका उपयोग सड़क निर्माण में बाइंडर के रूप में किया जाता है, जो मिट्टी और रेत को जोड़कर मजबूत सड़क बनाता है, यह जलरोधी होत है।
बढ़ी कीमतों पर काम पूरा करना संभव नहीं : विज ठेकेदार संघ के अध्यक्ष सतीश विज ने कहा कि बिटुमेन, एलडीओ, डीजल एवं श्रम दरों में हुई वृद्धि के कारण प्रदेशभर के कार्य कर रहे ठेकेदारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि बढ़ी कीमतों के बाद काम पूरा करना संभव नहीं है। इसे विभाग के समक्ष भी उठाया है। हालांकि लोक निर्माण विभाग के सचिव ने इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाकर वित्तीय सहायता जारी करने को पत्र भी लिखा है। इससे ठेकेदारों को बढ़ी हुई लागत के अनुरूप क्षतिपूर्ति की जा सके।
कोट
युद्ध के कारण सड़क की टारिंग में उपयोग होने वाले बिटुमेन और ईंधन तेल के दाम दोगुने होने के बाद ठेकेदारों की ओर से काम न कर पाने की उठाई गई समस्या का मामला सरकार के समक्ष रखा है। इसमें इस बढ़ी लागत की भरपाई को अतिरिक्त बजट उपलब्ध करवाने की मांग की है। सरकार की ओर से केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाया है। उम्मीद है जल्द इसका समाधान निकल जाएगा।
-दीपक चौहान, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग