आरटीई नियमों की धारा 19(2) में स्पष्ट किया गया है कि प्रारंभिक स्कूलों में 60 बच्चों तक दो शिक्षक होना अनिवार्य हैं, जबकि 90 बच्चों के लिए तीन शिक्षक होने चाहिए। 30 छात्रों पर एक शिक्षक होना भी जरूरी बताया गया है। इसके अलावा दस फीसदी से ज्यादा रिक्त पद भी स्कूल में नहीं होने चाहिए, लेकिन प्रदेश में इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
1421 प्राइमरी स्कूलों में नहीं हो रहा आरटीई एक्ट का पालन
प्रदेश में 10,734 प्राइमरी स्कूल हैं। इनमें 1421 स्कूल शिक्षा के अधिकार कानून के नियमों को पूरा नहीं कर रहे हैं। 47 स्कूल तो पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम छह माह के दौरान खोले और अपग्रेड किए। इन 1421 स्कूलों में शिक्षकों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है। वर्तमान में जेबीटी के 1858, सीएंडवी के 5531, हैडमास्टर के 136 और टीजीटी के 2499 पद रिक्त चल रहे हैं।