प्रदेश कार्यकारिणी भंग होने के बाद भी हिमाचल कांग्रेस में गुटबाजी पूरी तरह हावी है। वीरवार को पार्टी मुख्यालय कांग्रेस भवन शिमला में बुलाई गई बैठक में 21 में से मात्र चार विधायक ही शामिल हुए। नई दिल्ली में 14 दिसंबर को होने वाली महारैली की तैयारियों के लिए बैठक बुलाई गई थी। कांग्रेस के सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्षों सहित कई बड़े नेताओं ने बैठक से किनारा किया। इससे हिमाचल में कांग्रेस की नई कार्यकारिणी गठित करने में जुटे प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर की परेशानियां बढ़ गई हैं।
केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में भारत बचाओ रैली का कांग्रेस आयोजन कर रही है। बैठक की तैयारियों के लिए वीरवार को राठौर ने पार्टी मुख्यालय में विधायकों, पूर्व विधायकों और पूर्व पार्टी अध्यक्षों को बुलाया था, लेकिन बैठक में विधायक नंद लाल, इंद्रदत्त लखनपाल, लखविंद्र सिंह राणा और मोहन लाल ब्राक्टा ही शामिल हुए।
नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री सहित बीते कुछ दिनों से कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं से दिल्ली में मिलने वाले नेता भी बैठक में शामिल नहीं हुए। इनके अलावा पूर्व सांसद चंद्र कुमार, पूर्व विधायक अजय महाजन, रवि ठाकुर, प्रकाश चौधरी, गंगूराम मुसाफिर, मनसा राम, कुलदीप सिंह पठानिया, यादविंद्र गोमा, आदर्श सूद, टेकचंद डोगरा, रघुवीर सिंह, अजय बहादुर, चेतराम ठाकुर, धर्मशाला के मेयर देवेंद्र सिंह जग्गी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल, केहर सिंह खाची, राहुल ठाकुर, केवल सिंह पठानिया, गीता नेगी, शशि शर्मा बैठक में मौजूद रहे।
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष राठौर ने बताया कि शुक्रवार को भी बैठक होनी है। राठौर ने कहा कि दिल्ली महारैली में हिमाचल से एक हजार कार्यकर्ता जाएंगे। इसके लिए हर ब्लॉक से 16 कार्यकर्ताओं को रैली में शामिल होने को कहा है। सभी लोग हिमाचल भवन नई दिल्ली से हिमाचली परिधानों में रैली स्थल रामलीला मैदान को पैदल कूच करेंगे। हिमाचल भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं को रजनीश किमटा और केवल पठानिया कोऑर्डिनेट करेंगे।