वहीं, हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान देने के लिए सरकार पर दबाव बनाने को हिमाचल संयुक्त महासंघ शिमला में रणनीति बनाएगा। पड़ोसी राज्य पंजाब की तर्ज पर प्रदेश के कर्मचारी सरकार से संशोधित वेतनमान मांग कर रहे हैं। सरकार के सत्ता में रहते पहली बार कर्मचारियों के एक वर्ग ने मोर्चा खोला है। शिमला के कालीबाड़ी हाल में 7 फरवरी को संयुक्त महासंघ से जुड़े 25 विभागों के कर्मचारी संगठनों के नेता मंथन करेंगे। इसके अलावा संयुक्त महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान के बयान देने पर सरकार के नोटिस जारी करने के मामले पर भी विचार होगा।
संयुक्त महासंघ के नेताओं का मानना है कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को आवास भत्ता 15 से 20 फीसदी तक दे रही है, जबकि हिमाचल में राजधानी में आवास भत्ता हजार रुपये देती है। पंजाब में सरकारी नौकरी पर लगे पति-पत्नी दोनों को आवास भत्ता देते हैं, जबकि हिमाचल में दोनों में से एक को यह भत्ता दिया जाता है। केंद्र और पंजाब सरकार ग्रेच्युटी दस लाख से बढ़ाकर बीस लाख दे रही है, जबकि हिमाचल में यह दस लाख रुपये दी जाती है।