अपनी बजट घोषणाओं पर समीक्षा बैठक में राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तल्ख नजर आए। उन्होंने 23 विभागों की 90 बजट घोषणाओं की टाइमलाइन तय की। उन्होंने सभी अधिकारियों को मुख्य सचिव रामसुभग सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना की उपस्थिति में कहा कि किसी भी तरह की कोताही न करें।
चुनावी बेला में सीएम एक्शन मोड में आ गए हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को राज्य की अफसरशाही को सुस्ती छोड़ने की नसीहत देते हुए कहा है कि प्रदेश में इस रफ्तार से कब गो अभ्यारण्य बनेंगे। उन्होंने यह भी पूछा कि 60 साल से ऊपर उम्र वालों की पेंशन स्कीम कैसे जल्दी लागू होगी। अपनी बजट घोषणाओं पर समीक्षा बैठक में राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री तल्ख नजर आए। उन्होंने 23 विभागों की 90 बजट घोषणाओं की टाइमलाइन तय की। उन्होंने सभी अधिकारियों को मुख्य सचिव रामसुभग सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना की उपस्थिति में कहा कि किसी भी तरह की कोताही न करें।
विज्ञापन
बैठक करीब चार घंटे तक ली। सीएम ने मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सचिवों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वह हर घोषणा की खुद निगरानी करें। सीएम ने बजट बुक में शामिल तमाम घोषणाओं को सामने रखा। एक-एक बिंदु पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं के साथ-साथ विभिन्न फील्ड घोषणाओं के लंबित मामलों को भी तत्परता से पूरा किया जाए। विभाग किसी भी कार्यक्रम या योजना को लागू करने से पूर्व उसका प्रभावी व रचनात्मक प्रस्ताव तैयार करें। अभिनव योजनाओं के प्रभावी परिणाम सामने आने चाहिए, जिससे लक्षित उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।
प्राकृतिक कृषि पर स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर पाठ्यक्रम में संशोधन की प्रक्रिया में तेजी लाएं
सीएम ने कृषि एवं बागवानी विश्वविद्यालय में प्राकृतिक कृषि पर स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर पाठ्यक्रम में संशोधन की प्रक्रिया में और तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण, जल शक्ति, पर्यटन, पशुपालन, ग्रामीण, शहरी विकास, शिक्षा, उद्योग और अन्य सभी विभागों के कार्यक्रमों से जुड़ी घोषणाओं के प्रावधानों को तय समय में कार्यान्वित करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती नहीं किए जाने पर तल्ख
प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तल्खी दिखाई। प्रदेश में चार हजार शिक्षकों को भर्ती किया जाना है। इनमेें नर्सरी टीचर्स ट्रेनिंग करने वालों सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में से शिक्षकों की नियुक्ति की जानी है। छह माह से यह मामला फ ाइलों में घूूम रहा है।