राजस्व अधिकारी (तहसीलदार) संघ और संयुक्त ग्रामीण पटवारी और कानूनगो महासंघ की मांगें पूरी होने के आसार बन गए हैं। प्रदेश सरकार ने दोनों महासंघों के पदाधिकारियों को 21 अगस्त को बैठक के लिए बुलाया है। दोनों संघों से अलग-अलग वार्ता होगी।
दोनों महासंघ अपनी मांगों को लेकर अड़े हैं। तहसीलदारों ने मंगलवार को पैन डाउन स्ट्राइक की। तहसीलों, सब तहसीलों में काम ठप रहा। जमीन की रजिस्ट्री, शपथ पत्र और अन्य राजस्व संबंधित कामकाज में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
इधर, पटवारियों ने भी 24 के बाद पैन डाउन हड़ताल करने का ऐलान किया, लेकिन इस बीच सरकार ने पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुला लिया है। प्रदेश राजस्व अधिकारी महासंघ के प्रधान नारायण चौहान ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 21 अगस्त को बैठक के लिए बुलाया है। अगर सरकार की ओर से मांगों के प्रति संतोषजनक जवाब मिलता है तो इसका स्वागत किया जाएगा।
संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो महासंघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार ने बैठक के लिए बुलाया है। अगर बैठक के निर्णय संघ के हित में होंगे तो ठीक है, नहीं तो महासंघ आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा।
ये हैं तहसीलदारों की मांगे
- पदोन्नति कोटा 25 से बढ़ाकर 30 किया जाना
- समाहर्ता के 47 पद सृजित करना
- तहसीलदारों और नायब को वाहन सुविधा
- रजिस्ट्रेशन भत्ता बढ़ाया जाना
- नायब से तहसीलदार बनने के लिए 2 साल कार्यकाल लागू होना
पटवारियों की मांगे
- कानूनगो से नायब तहसीलदार के लिए शत प्रतिशत पदोन्नति देना
- चार क्षेत्रीय पटवार वृत्तों पर एक कानूनगो वृत्त का सृजन
- नए उपमंडल, तहसीलों में पदों का सृजन
- अनुबंध पटवारियों को सभी भत्ते दिया जाना