इन देशों में हुआ था मतदान
ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, यूके, जापान, नेपाल, अमेरिका, रूस, ताइवान सहित भारत के कई हिस्सों में तिब्बती लोगों ने नए प्रधानमंत्री के लिए मतदान किया था। द्वितीय चरण के मुकाबले में भी 11 अप्रैल को इन देशों में बने मतदान केंद्रों पर मतदान होगा।
चीन, अमेरिका, भारत की चुनाव परिणाम पर नजर
निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रथम चरण के मतदान के परिणाम पर चीन, अमेरिका, भारत सहित दुनिया भर के कई देशों की नजर है। सोमवार को साफ हो जाएगा कि नए प्रधानमंत्री पद के लिए किन दो नेताओं के बीच जंग होनी है। वर्तमान की वैश्विक राजनीति में तिब्बत कूटनीतिक रूप से छाया हुआ है। अमेरिका तिब्बत मुद्दे को बार-बार उठाकर चीन पर निशाना साध रहा है। कई अन्य देश भी तिब्बत मुद्दे पर अमेरिका का साथ दे रहे हैं।
भारत भी मौन रूप से तिब्बत मुद्दे पर अमेरिका का साथ देकर चीन पर कूटनीतिक दबाव बना रहा है। चुनाव के बीच अमेरिका ने अपनी संसद में तिब्बत को लेकर कानून पास कर चीन को झटका दिया था। नए राष्ट्रपति जो बाइडन पहले ही अमेरिका में दलाईलामा को आमंत्रित करने की बात कह चुके हैं। इस तरह निर्वासित तिब्बत सरकार के नए प्रधानमंत्री के लिए हो रहे चुनाव दुनिया भर के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
पेंपा सेरिंग, डोलमा, दोरजे तीनों रह चुके हैं उच्च पदों पर
रुझानों में सबसे आगे रहने वाले पेंपा सेरिंग निर्वासित तिब्बत संसद में दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं। पेंपा सेरिंग अमेरिका में धर्मगुरु दलाईलामा के प्रतिनिधि पद पर भी तैनात रह चुके हैं। पेंपा सेरिंग ने पिछली बार भी प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ा था, जिसमें वह दूसरे नंबर पर रहे थे। वह निर्वासित तिब्बत सरकार के स्पीकर भी रह चुुके हैं। ग्यारी डोलमा पहले भी निर्वासित तिब्बत सरकार की गृह मंत्री रह चुकी हैं। केलसंग दोरजे निर्वासित तिब्बत सरकार में बड़े अधिकारी रह चुके हैं। उनको प्रधानमंत्री लोबसंग सांग्ये का खास माना जाता है।
14 मई को घोषित होगा नया प्रधानमंत्री
3 जनवरी को तिब्बतियों ने निर्वासित तिब्बत सरकार के पीएम पद समेत 45 सदस्यीय निर्वासित संसद के उम्मीदवारों के लिए मतदान किया था। दूसरे और आखिरी चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को होगी। इसके नतीजे 14 मई को घोषित होंगे। 14 मई को नए प्रधानमंत्री के नाम की घोषणा हो जाएगी। 22 दिसंबर तक दुनिया भर में कुल 79,697 मतदाताओं ने चुनाव में मतदान करने के लिए पंजीकरण किया था। 55,683 मतदाता भारत में रहते हैं।