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पीजीआई सेटेलाइट सेंटर में होगा क्षेत्रीय रोगों पर शोध

Fri, 08 Mar 2019 05:00 AM IST
ashok chauhan शशिभूषण पुरोहित, अमर उजाला, ऊना
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जिले के मलाहत में स्थापित हो रहा पीजीआई सेटेलाइट सेंटर रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसमें हिमाचल के संदर्भ में क्षेत्रीय रोगों पर शोध होगा। इसके लिए पीजीआई की टीम प्रदेश भर में विभिन्न बीमारियों से पीड़ित लोगों का सर्वेक्षण करवाएगी। 

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सर्वे से पता लगेगा कि सूबे में अमूमन किस तरह की बीमारियों से लोग पीड़ित हैं। इसका डाटा बेस तैयार कर इस दिशा में शोध किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि भविष्य में यह केंद्र एक तरह रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर के रूप में काम करेगा।

इसे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से जोड़ा जाएगा। इस वक्त देश भर में आईसीएमआर के 26 शोध केंद्र हैं। इनमें टीबी, लैप्रोसी, एड्स, कैंसर, मलेरिया, काला-अजर ड्रग टॉक्सीक्लॉजी तथा ऑंकोलॉजी आदि पर रिसर्च हो रही है।
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अब एक्सपायर दवा का होगा समुचित उपयोग 

रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर में क्षेत्र विशेष में पनपने वाले रोग और उनके विभिन्न प्रकारों पर शोध किया जाता है। पीजीआई से जुड़े 300 बिस्तर के इस केंद्र के खुलने से हिमाचल के ऊना, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों के अलावा पंजाब के नंगल, गढ़शंकर और होशियारपुर के लोगों को सुपर स्पेशलिएटी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। अब देश के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में दवाएं यूं ही एक्सपायर नहीं होंगी। उनका समय पर समुचित प्रयोग हो पाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि उनके मंत्रालय ने एक ऐसा सिस्टम डेवलप किया है, जिसमें किसी भी छोटे स्तर के स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं के अतिरिक्त स्टॉक और उसकी एक्सपायरी डेट की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। अगर किसी केंद्र में दवाओं का स्टॉक अगले माह एक्सपायर हो रहा है तो वह दवाई ऐसे केंद्र को भेजी जाएगी, जहां उसकी खपत अधिक है।
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