आईजीएमसी शिमला के कार्डियोलाजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजीव भारद्वाज ने इस शोध की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि जन्मजात हृदय रोग के बहुत से कारण अज्ञात रहते हैं।
गर्भवती महिलाओं की सही दिनचर्या का न होना, मां-बाप में से किसी को दिल की बीमारी का होना, ऊंचे क्षेत्रों में जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी का होना भी इसका एक कारण है।
आईजीएमसी शिमला के कार्डियोवेस्कुलर सर्जरी विभाग में दिल की सर्जरी के लिए आने वालों में भी ज्यादातर बच्चे हैं। विभाग के सूत्रों ने बताया कि एक महीने में यहां पर 25 से 30 मरीज सर्जरी के लिए आ रहे हैं।
इनमें 20 से 25 फीसदी मरीज बच्चे होते हैं। हालांकि, इनमें जन्मजात हृदयरोगियों के अलावा अन्य वजहों से दिल के रोगी बनने वाले बच्चे भी आ रहे हैं। अन्य वजहों में पैतृक कारण, कुपोषण जैसे कारण भी हो सकते हैं। बहुत से बच्चों के दिल में छेद पाए जा रहे हैं।