फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एडवांस्ड स्टडी में होगा भारतीय सभ्यता पर शोध, जल्द पूरी की जाएंगी औपचारिकताएं

Sat, 21 Nov 2020 08:22 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) के निदेशक प्रो. मकरंद परांजपे ने कहा कि आने वाले समय में संस्थान भारतीय सभ्यता पर शोध करेगा। इसके लिए भारतीय सभ्यता शोध केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए विश्वभर से शोधकर्ता यहां पर आएंगे। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान ने इसका प्रस्ताव केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेज दिया है।

विज्ञापन


शनिवार को संस्थान के स्थापना दिवस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इसके लिए मौखिक मंजूरी दे दी है। जल्द ही औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। परांजपे ने कहा कि इसका प्रस्ताव बनाकर मंत्रालय को भेजा जा चुका है। इसके अलावा केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट भारत इन-75 पर भी संस्थान काम कर रहा है। संस्था के पास इस प्रोजेक्ट के लिए बजट भी उपलब्ध है। परांजपे ने कहा कि जेएनयू का का नाम न बदलकर स्वामी विवेकानंद के नाम पर एक और विवि खोला जाना चाहिए। विश्वविद्यालय पहले से चल रहा है, उसे और बेहतर बनाना चाहिए।

एडवांस्ड स्टडी ने मनाया 55वां स्थापना दिवस
भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) ने अपने 55वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया। वेबिनार के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ने स्थापना दिवस की अध्यक्षता की। उन्होंने संस्थान की हिंदी पत्रिका ‘हिमांजली’ के 21वें अंक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि संस्थान ने अपने 55 सालों में शोध कार्यों में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू करने के लिए हिमाचल सरकार को बधाई भी दी।
विज्ञापन


संस्थान के अध्यक्ष प्रोफेसर कपिल कपूर ने अध्यक्षीय भाषण दिया। संस्थान के उपाध्यक्ष चमन लाल गुप्ता ने रमेश पोखरियाल निशंक, मुख्य अतिथि योगेंद्रनाथ शर्मा और अरुण का धन्यवाद किया। इस मौके पर कार्यक्रम में संस्थान से सेवानिवृत्त हरि कपूर और एमटीएस बलीराम को सम्मानित किया गया। समारोह के अंत में आवासी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीनू अग्रवाल ने सभागार में मौजूद सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर संस्थान के सचिव डॉ. कर्नल विजय तिवारी मौजूद रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें