डीसी ने बताया कि रविवार को मुलथान-थमसर से भेजा गया 15 सदस्यीय दूसरा दल सोमवार शाम तक पहुंचेगा। मंगलवार को वस्तुस्थिति से अवगत करवाएगा। इस दल में मनाली से पर्वतारोही प्रशिक्षण संस्थान के 3 प्रशिक्षक तथा 12 स्थानीय लोग शामिल हैं।
दल के सदस्यों के पास खाद्य पदार्थ तथा कंबल भेजे हैं। बताया कि सोमवार को स्थानीय लोगों का एक और दल थमसर पास की ओर भेजा है। यह दल बीड़-राजगुंधा-बड़ा गांव-पलाचक की ओर से जाएगा।
मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने कहा कि बड़ा भंगाल के लिए सरकार वैकल्पिक रास्ता मजबूत करेगी। होली से न्याग्रां वैकल्पिक रास्ते से होकर फंसे लोग जा सकेंगे। यह रास्ता रावी के किनारे से होकर है।
उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों के लिए लोगों की आवाजाही सुगम बनाने को सरकार कोशिश कर रही है। मुख्य सचिव ने कहा कि वे स्थानीय प्रशासन से संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी इस मसले को लेकर गंभीर हैं।