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वीडियो: पांच दिन बीते, बंद टनल में मदद को छटपटा रहे मजदूर

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बिलासपुर के टीहरा में लगभग 120 घंटों से टनल में फंसे तीन मजदूरों को पहाड़ में बड़ा होल करके निकालने का काम शुरू हो गया है। वीरवार शाम राजस्थान से मंगाई गई अत्याधुनिक पाइलिंग ड्रिलिंग मशीन पहुंच गई है। मशीन को होल करने वाले स्थान पर पहुंचाया दिया गया है।
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रात को ड्रिलिंग शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन का दावा है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो शुक्रवार को बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। उधर, दूसरे विकल्प टनल में 30 मीटर तक प्रवेश किया जा चुका है। अब मात्र 10 से 15 मीटर मलबा हटाना शेष है।

एक घंटे में एक से पांच मीटर तक होल करने की क्षमता

पाइलिंग मशीन से 45 मीटर गहरा और 1.3 मीटर चौड़ा होलकर पाइप के जरिये बचाव कर्मी टनल में उतारे जाएंगे। इस मशीन की क्षमता एक घंटे में एक से पांच मीटर तक होल करने की है, हालांकि ये चट्टानों की कठोरता पर निर्भर है। जिला प्रशासन सीसीटीवी में दिखे दोनों मजदूरों की हालत काफी ठीक बता रहा है। वीरवार को भी उन्हें पाइप के माध्यम से खाना, जूस और दवा भी भेजी गई। डाक्टरों की एक टीम फंसे हुए मजदूरों की निगरानी कर रही है।

उधर, टनल में फंसे तीसरे मजदूर का अभी कोई अता-पता नहीं चल सका है। उसकी तलाश जारी है। इस बीच, वीरवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने के लिए खुद टीहरा पहुंचे। उन्होंने उच्चाधिकारियों से पूरी जानकारी ली और खुद भी टनल में जाकर टीम का हौसला बढ़ाया। उन्होंने फंसे मजदूरों के परिजनों को भी हर संभव मदद करने और अभियान में तेजी लाने का आश्वासन दिया।

कैसे काम करती है पाइलिंग मशीन

पाइलिंग मशीन से जमीन के नीचे जल्द होल किया जाता है। बड़ी मशीन 60 से 80 मीटर तक गहरा 0.3 से 1.8 मीटर गोलाई का होल कर सकती है। मशीन की क्षमता सख्त चट्टान को एक घंटे में एक से पांच मीटर तक होल करने की है। उपायुक्त बिलासपुर मानसी सहाय ठाकुर का कहना है कि राजस्थान से मंगाई पाइलिंग मशीन आ गई है।

काम शुरू कर दिया गया है। जिस स्थान पर सीसीटीवी कैमरे के लिए ड्रिलिंग की गई है उससे लगभग 15 मीटर पहले होल किया जा रहा है। स्पॉट तक मशीन पहुंचाने के लिए सड़क भी पहले से ही तैयार कर दी गई थी।

200 एमएल की बोतल में भेजा जूस, ड्राई फ्रूट और खिचड़ी

वीरवार को टनल में फंसे मजदूरों को ड्रिल कर डाले चार इंच के पाइप से रस्सी के सहारे भोजन भेजा गया। 200 एमएल की बोतल में उन्हें जूस, ड्राई फ्रूट और खिचड़ी भेजी गई। साथ ही दवाइयां, पानी और ग्लूकोज भी मजदूरों को मुहैया करवाया गया है। मजदूरों को हर सामग्री डॉक्टरों के परामर्श के बाद ही दी जा रही है जो होल के पास मौके पर ही डटी हुई है। सूत्र बताते हैं कि वीरवार सुबह 11 बजे उन्हें ड्राई फ्रूट और पानी दिया गया। इसके कुछ देर बाद खिचड़ी भेजी गई।

पाइप के साइज के अनुसार 200 एमएल की पानी की खाली बोतलों में खाद्य सामग्री भरी जा जा रही है। पानी और अन्य सामग्री उसी में भेजी जा रही है। ग्लूकोज को पानी में मिलाकर भेजा जा रहा है। रेस्क्यू टीम के साथ हुए संपर्क में पता चला है कि टनल में फंसे मजदूरों ने अंदर मौजूद पोकलेन मशीन पर बैठकर दिन गुजारे। बताया जा रहा है कि टनल में रिसाव की वजह से पानी जमा हो गया है।
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