नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बिना अनुमति के आठ किलोमीटर सड़क बनाने पर संज्ञान लिया है। ट्रिब्यूनल ने हिमाचल प्रदेश के प्रधान सचिव वन और लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी कर 29 सितंबर तक जवाब तलब किया है। न्यायिक सदस्य अरुण कुमार त्यागी और सदस्य अफरोज अहमद ने लाहौल-स्पीति निवासी राम सिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई की है। स्थानीय निवासी राम सिंह ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को पत्र लिखा था। पत्र में आरोप लगाया गया कि लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता काजा ने बिना अनुमति के ही आठ किलोमीटर सड़क बनाई है।
पोती मैदान से धनकड़ को जोड़ने वाली इस सड़क को बनाने के लिए वन विभाग से जरूरी अनुमति नहीं ली गई है। सड़क बनाने के लिए वन भूमि का खोदान और पेड़ों को कटान अवैध तरीके से किया गया है। पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए ट्रिब्यूनल ने संयुक्त कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस सड़क को बनाने के लिए वन विभाग की अनुमति नहीं ली गई। कमेटी की इस रिपोर्ट के आधार पर ट्रिब्यूनल ने यह आदेश पारित किए।