इस बार हिमाचल की झांकी वीर सैनिकों को समर्पित रही। झांकी की थीम गैलेंटरी अवार्डीज ऑफ हिमाचल प्रदेश रखी गई थी। इसमें परमवीर चक्र, महावीर चक्र और अशोक चक्र से सम्मानित हिमाचल के वीर सपूतों की तस्वीरें और प्रतीकात्मक प्रस्तुतियां शामिल की गईं। झांकी के माध्यम से दर्शाया गया कि सीमांत और पहाड़ी प्रदेश होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश ने देश की रक्षा में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। सेना में हिमाचल के युवाओं की बड़ी भागीदारी और उनके अदम्य साहस को झांकी के माध्यम से राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया है।
आसरा संस्था के प्रभारी डॉ. जोगेंद्र हाब्बी ने बताया कि इस प्रतिष्ठित आयोजन में हिमाचल प्रदेश की झांकी में सहभागिता करना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय रहा। झांकी को विशेष रूप से प्रदेश के वीर सैनिकों और उनके बलिदान को समर्पित किया गया, जिसमें हिमाचल की समृद्ध सैन्य परंपरा और राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवंत रूप में दर्शाया गया। इस झांकी में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर, कुल्लू, चंबा व ऊना जिलों से दो-दो कलाकारों ने भाग सिरमौर जिले से आसरा संस्था के दो युवा लोक कलाकारों का चयन किया गया, जिनमें संगड़ाह क्षेत्र के कलाकार सुनील कुमार व किरण कुमारी शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि सुनील कुमार आल इंडिया रेडियो के कलाकार हैं और वे पिछले कई वर्षों से आसरा संस्था के माध्यम से प्रदेश के बाहर अनेकों राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं। दोनों कलाकारों का चयन जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी की ओर से किया गया, जिसे निदेशालय भाषा एवं संस्कृति विभाग ने अनुमोदित करके गणतंत्र दिवस परेड की झांकी में सहभागिता का अवसर प्रदान किया।