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Himachal: कर्तव्य पथ पर झांकी में दिखी वीरभूमि हिमाचल के गौरवशाली इतिहास की झलक, देखें वीडियो

Tue, 27 Jan 2026 01:29 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/सिरमाैर।

सार

 गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित हिमाचल प्रदेश की झांकी ने राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश की गौरवशाली पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। 
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कर्तव्य पथ पर हिमाचल प्रदेश की झांकी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित हिमाचल प्रदेश की झांकी ने राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश की गौरवशाली पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की भव्य परेड में हिमाचल की झांकी ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वीर सैनिकों को समर्पित यह झांकी न सिर्फ शौर्य और बलिदान की गाथा कहती दिखी, बल्कि हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान को भी पूरे ठाठ से सामने लाई।  म्हारो हिमाचलो बड़ा बांका गीत की गूंज ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया, वहीं झांकी के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते रहे। पांच साल के अंतराल के बाद गणतंत्र दिवस परेड में हिमाचल की झांकी का प्रदर्शन हुआ। इस वापसी को खास बनाते हुए झांकी का केंद्रीय विषय देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले हिमाचली वीर सैनिक रहे। झांकी में परमवीर चक्र, महावीर चक्र और अशोक चक्र से सम्मानित जवानों की तस्वीरें प्रमुखता से प्रदर्शित की गईं, जिसने दर्शकों को गर्व से भर दिया। झांकी की कलात्मक संरचना में हिमाचल के पर्वतीय परिदृश्य, लोककला और पारंपरिक रंगों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। लोक धुनों की मिठास और देशभक्ति की भावना ने पूरे कर्तव्य पथ को तालियों से गूंजा दिया। दर्शकों ने झांकी के गुजरते ही मोबाइल कैमरों में पल सहेज लिए। परेड के दौरान भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, उनकी धर्मपत्नी मल्लिका नड्डा, सांसद अनुराग ठाकुर, सिकंदर कुमार और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संजय करोल भी हिमाचल की झांकी को उत्सुकता और गर्व से निहारते नजर आए। इन्होंने झांकी की सराहना करते हुए इसे हिमाचल की वीर परंपरा का सशक्त प्रतीक बताया।

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लिया।

इस बार हिमाचल की झांकी वीर सैनिकों को समर्पित रही। झांकी की थीम गैलेंटरी अवार्डीज ऑफ हिमाचल प्रदेश रखी गई थी। इसमें परमवीर चक्र, महावीर चक्र और अशोक चक्र से सम्मानित हिमाचल के वीर सपूतों की तस्वीरें और प्रतीकात्मक प्रस्तुतियां शामिल की गईं। झांकी के माध्यम से दर्शाया गया कि सीमांत और पहाड़ी प्रदेश होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश ने देश की रक्षा में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। सेना में हिमाचल के युवाओं की बड़ी भागीदारी और उनके अदम्य साहस को झांकी के माध्यम से राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया है।

 
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आसरा संस्था के प्रभारी डॉ. जोगेंद्र हाब्बी ने बताया कि इस प्रतिष्ठित आयोजन में हिमाचल प्रदेश की झांकी में सहभागिता करना प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय रहा। झांकी को विशेष रूप से प्रदेश के वीर सैनिकों और उनके बलिदान को समर्पित किया गया, जिसमें हिमाचल की समृद्ध सैन्य परंपरा और राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवंत रूप में दर्शाया गया। इस झांकी में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर, कुल्लू, चंबा व ऊना जिलों से दो-दो कलाकारों ने भाग सिरमौर जिले से आसरा संस्था के दो युवा लोक कलाकारों का चयन किया गया, जिनमें संगड़ाह क्षेत्र के कलाकार सुनील कुमार व किरण कुमारी शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि सुनील कुमार आल इंडिया रेडियो के कलाकार हैं और वे पिछले कई वर्षों से आसरा संस्था के माध्यम से प्रदेश के बाहर अनेकों राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं। दोनों कलाकारों का चयन जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी की ओर से किया गया, जिसे निदेशालय भाषा एवं संस्कृति विभाग ने अनुमोदित करके गणतंत्र दिवस परेड की झांकी में सहभागिता का अवसर प्रदान किया।
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