दिल्ली में गणतंत्र दिवस के लिए हिमाचल की झांकी का थ्री डी मॉडल आमंत्रित किया गया है। प्रदेश इस झांकी से जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की समृद्द संस्कृति और अटल टनल रोहतांग की एक झलक दिखाने का प्रयास करेगा। सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण अटल टनल इसी साल स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए खोली गई है। यह सुरंग किसी अजूबे से कम नहीं है और देश की सुरक्षा को देखते हुए भी अहम है। हिमाचल की झांकी तीन थीम पर आधारित थी। पहले हिमाचल के स्थानीय मेलों पर आधारित झांकी बनाई जा रही थी। दूसरी देवी-देवताओं और संस्कृति को दर्शाती हुई झांकी तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
इन दोनों थीम की झांकियों पर सहमती नहीं बन पाई। इसके बाद तीसरी थीम पर झांकी को स्वीकृति मिली और अब लाहौल-स्पीति की संस्कृति और अटल टनल की झांकी का थ्री डी मॉडल देखने के लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। हर राज्य से अलग-अलग दिन में अपनी झांकियों के मॉडल भेजने को कहा गया है। अब हिमाचल 16 दिसंबर को अपनी झांकी का मॉडल प्रस्तुत करेगा।हिमाचल भाषा, कला और संस्कृति विभाग के निदेशक सुनील शर्मा ने कहा कि तीन राउंड के बाद स्पष्ट होगा कि किन राज्यों की झांकियां गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेंगी। प्रदेश की झांकी का थ्री डी मॉडल और थ्री डी वीडियो की 16 दिसंबर को दिल्ली में प्रस्तुति देंगे। इसके कुछ दिनों बाद स्पष्ट होगा कि किन राज्यों के मॉडल हिस्सा लेंगे।