उत्तर प्रदेश में सत्ता कब्जाने को लेकर भाजपा, सपा और बसपा भले ही हर पैंतरा अपनाने को तैयार है, लेकिन कांग्रेस आने वाले विधानसभा चुनाव में अपना ट्रंप कार्ड नहीं निकालेगी।
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राज्यों में लगातार हार का मुंह देख रही कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में गांधी परिवार को चेहरा बनाने से कतरा रही है। यहां पार्टी की छवि को देखते हुए कांग्रेस फ्रंटलाइन गांधी परिवार की साख को सीधे दांव पर नहीं लगाना चाहती है।
बूथ स्तर तक कमेटियां तैयार कर कैडर खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर गांधी परिवार पार्टी का नेतृत्व करे, इसे लेकर ज्यादातर पार्टी के वरिष्ठ नेता एकमत हैं।
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सोच समझ कर ही निकाला जाएगा ट्रंप कार्ड
गांधी परिवार पार्टी के लिए ट्रंप कार्ड है। ऐसे में ट्रंप कार्ड का इस्तेमाल सोच समझ कर ही किया जाएगा।
शनिवार को हिमाचल में जंगल की आग पर मंथन को शिमला पहुंची पार्टी की राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका चौधरी ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि यूपी चुनाव में गांधी परिवार के किसी सदस्य को सीधे चेहरा बनाया जाए इस पर मंथन हो रहा है।
गांधी परिवार पार्टी के लिए ट्रंप कार्ड है। ऐसे में ट्रंप कार्ड का इस्तेमाल सोच समझ कर ही किया जाएगा। प्रियंका को सीधे तौर पर चेहरा बनाने को लेकर यूपी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग पर उन्होंने कहा कि पार्टी फिलहाल वेट एंड वाच की स्थिति में है।
कहा कि दूसरी पार्टियां जिस स्तर के नेता को चुनाव में चेहरा बनाएंगी, कांग्रेस भी उसी स्तर के नेता को उतारेगी। हाल के चुनावों में मिली हार पर उन्होंने साफ किया कि शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की जरूरत खुद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी जाहिर कर चुकी हैं। ऐसे में नए चेहरों को पार्टी की बागडोर देकर पार्टी को गति देना जरूरी है।
पंजाब का सच है ‘उड़ता पंजाब’
‘उड़ता पंजाब’ को लेकर चल रहे विवाद पर चौधरी ने पंजाब व केंद्र सरकार को जमकर लताड़ लगाई।
‘उड़ता पंजाब’ को लेकर चल रहे विवाद पर चौधरी ने पंजाब व केंद्र सरकार को जमकर लताड़ लगाई। बोलीं, विरोध से साफ है कि फिल्म में ऐसा सच है जो पंजाब की सत्ता को आइना दिखा रहा है।
एक समय देश-दुनिया में पंजाब के युवाओं का नाम था, लेकिन वहां की सरकार की निगेटिव अप्रोच ने आज वहां के युवाओं को नशे की गर्त में झोंक दिया। ऐसी फिल्म को प्रमोट करना चाहिए जो जागरूकता लाए और उसे रोकने के बजाय कड़े कदम उठाकर नशे के कारोबार पर अंकुश लगाना चाहिए।
गैर जिम्मेदाराना है प्रकाश जावेड़कर का रवैया
नीलगाय मारने की छूट पर उन्होंने कहा कि इस तरह के आदेशों से तो देश में शिकार और शिकारियों को फिर से फलने-फूलने का मौका मिलेगा। बिना नाम लिए मेनका गांधी के स्टैंड का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि आज जानवरों संग हो रहे टकराव के लिए सबसे ज्यादा इंसान खुद जिम्मेदार हैं।
अगर हम उनकी टैरेटरी में जा रहे हैं तो उन्हें कैसे मारने की छूट दी जा सकती है। प्रकाश जावेड़कर का बिना रिसर्च इस तरह का आदेश देना बेहद शर्मनाक है। ऐसे आदेश के बजाय समझदारी भरे कदम उठाकर टकराव को कम किया जा सकता है।
मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर तंज कसते हुए रेणुका ने कहा कि केंद्र सरकार का विकास सिर्फ बयानों तक ही सीमित है।
मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर तंज कसते हुए रेणुका ने कहा कि केंद्र सरकार का विकास सिर्फ बयानों तक ही सीमित है। देश में इंडस्ट्री, रीयल एस्टेट जैसे सभी सेक्टर में मंदी की मार है।
स्किल इंडिया के नाम पर करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे। पार्टी के नेता सांप्रदायिक बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे में विकास के दावे करना ही मजाक है।
उत्तराखंड में तार-तार हुआ था लोकतंत्र
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का जोर सिर्फ लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाना है। चाहे फिल्म पर सेंसर बोर्ड के जरिये कैंची चलवाना हो या गुलाम अली को भारत न आने देना या फिर उत्तराखंड में जो हुआ, सभी इसका जीता जागता उदाहरण हैं।
केंद्र ने सारी ताकत लगाकर एक लोकतांत्रिक सरकार को गिराने का प्रयास किया। लेकिन न्यायालय आज भी न्याय का मंदिर है जहां से हमें न्याय मिलने की उम्मीद थी और न्याय मिला भी।