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Sonal Mansingh: प्रख्यात नृत्यांगना सोनल मानसिंह बोलीं- नृत्य विशेष गुण, थोड़े में बहुत कुछ कहता है

Sat, 18 Jun 2022 11:26 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

पद्मभूषण और पद्मविभूषण से अलंकृत प्रख्यात नृत्यांगना सोनल मानसिंह ने शिमला के गेयटी थियेटर में अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि  कला बांटने से बढ़ती है।
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प्रख्यात नृत्यांगना सोनल मानसिंह अन्य कलाकारों के साथ। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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नृत्य विशेष गुण है। थोड़े में बहुत कुछ कहता है। पद्मभूषण और पद्मविभूषण से अलंकृत प्रख्यात नृत्यांगना सोनल मानसिंह ने शिमला के गेयटी थियेटर में अमर उजाला से विशेष बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कला बांटने से बढ़ती है। इसे सीखने की कोई उम्र नहीं होती। इसके लिए सिर्फ श्रद्धा, भावना और समर्पण होना चाहिए। नृत्य में उनकी हस्तकाें, मुद्राओं और भावों के अभिनय की अदाकारी के सवाल पर सोनल ने कहा कि किसी भी चीज को करने के लिए समर्पण की भावना होना जरूरी है। भगवान ने उन्हें यह कला दी है। लगातार प्रयास से कामयाबी जरूरी मिलती है। उन्होंने कहा कि शिमला बहुत खूबसूरत है। इससे पहले भी वह दस बार हिल्सक्वीन शिमला आई हैं।

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इससे पहले समारोह की शुरुआत गोयल जयदेव की नृत्य रचना ‘कृष्ण’ से पेश की। इसमें कलाओं की प्रख्यात नृत्यांगना के शिष्य अनमोल राज, रमेश, राम गौतम ने नृत्य का आगाज ‘जय जय देव हरे’ के गायन से किया। इसमें भगवान कृष्ण की बाल गेेम, यमुना नदी में कृष्ण और कालिया नाग के बीच के युद्ध को प्रदर्शित किया गया। नृत्यांगना नंदनी और करिश्मा ने रचना में जंगल में पानी, हिरण, पेड़ों, चिड़ियाें की चहचहाहट को मुद्राओं और भावों को नृत्य के माध्यम से पेश कर खूब वाहवाही बटोरी। सोनल ने भी कृष्ण कालिया और भगवान विष्णु के दशावतार प्रसंग पर दमदार प्रस्तुति दी। इसके बाद कलाकारों ने विष्णु के दशावतार को बखूबी दर्शाया। कार्यक्रम में मीता मिश्रा लाइट डिजाइनर की भूमिका में रहीं। 

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