प्रदेश सरकार ने टाउनहाल शिमला के जीर्णोद्धार में गड़बड़ी पर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने के साथ अफसरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पर्यटन विभाग के निदेशक से मामले में आरोपी अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सचिवालय को भेजने के भी कहा गया है। टाउनहाल के जीर्णोद्धार मामले की जांच में 40 खामियां पाई गई हैं।
कहा गया है कि टाउनहाल के जीर्णोद्धार के समय यह अफसर कहां थे, घटिया काम क्यों हुआ? घटिया लकड़ी का इस्तेमाल किया गया, दीवारों पर प्लास्टर, बिजली की वायरिंग भी घटिया हुई है। करीब आठ करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 1955 स्लीपर लगाए गए। नियमों के अनुसार 10 फीसदी स्लीपरों के सैंपल लिए जाने थे, लेकिन 195 में से मात्र 20 स्लीपरों के सैंपल ही जांच को देहरादून लैब भेजे गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीते 29 नवंबर को टाउनहाल का उद्घाटन किया था। इस दौरान लकड़ी, प्लास्टर, पेंट और अन्य पर सवाल उठे थे। सरकार ने मामले की जांच को कमेटी बनाई थी। प्रारंभिक जांच में 40 खामियां पाई गई थीं।
बड़े-बड़े फोटो फ्रेम टांगकर छिपाई थीं खामियां
सीएम 29 नवंबर को जब टाउनहाल के उद्घाटन को पहुंचे तो खामियां छिपाने को बड़े-बड़े फोटो फ्रेम टांग दिए थे। मुख्यमंत्री से हाल का निरीक्षण भी नहीं करवाया। सीधे सीढ़ियों से उन्हें ऊपर वाली मंजिल में ले जाया गया था। सीढ़ियों के नीचे सीलन और बिजली के स्विच जले पाए गए थे।
टाउनहाल के जीर्णोद्धार में घटिया काम हुआ है। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट और संबंधित विभाग के अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जो घटिया काम हुआ था, ठेकेदार से काम ठीक करवाने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। - संजय कुंडू, क्वालिटी सेल प्रभारी व प्रधान सचिव मुख्यमंत्री