हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की शिवनगरी भरमौर में धर्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और मणिमहेश यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही रोपवे का निर्माण किया जाएगा। प्रशासन ने भरमौर-भरमाणी रोपवे की डीपीआर बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग(लोनिवि) को निर्देश जारी किए हैं। प्रशासनिक आदेश के बाद लोनिवि ने सवा किलोमीटर तक रोपवे की डीपीआर तैयार कर ली है। इससे पूर्व विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम की ओर से रोपवे के लिए संयुक्त रूप से निरीक्षण भी किया जा चुका है।
गौर रहे कि पवित्र मणिमहेश यात्रा को लेकर मान्यता है कि माता भरमाणी के दर्शनों से पूर्व मणिमहेश यात्रा सफल नहीं हो सकती है। ऐसे में मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालु सर्वप्रथम माता भरमाणी के दर्शन करने और मंदिर परिसर में बने तालाब में स्नान करने के बाद ही कठिन मणिमहेश यात्रा का आगाज करते हैं। ऐसे में मणिमहेश यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में पहुंचने वाले लोगों को भरमौर से माता भरमाणी मंदिर तक जीप योग्य सड़क बनी है।
लेकिन सड़क तंग होने से अक्सर यहां पर जाम लगने की समस्या बनी रहती है। वहीं, बाड़ी से वाया मलकौता गांव होते हुए भरमाणी माता मंदिर तक पैदल रास्ता है। लेकिन, रास्ते के बीच में किसी प्रकार की सुविधा यात्रियों को नहीं मिलती है। ऐसे में अब लोक निर्माण विभाग ने भरमौर हेलीपैड से भरमाणी तक रोपपे की डीपीआर बना कर स्वीकृति के लिए सरकार को भेजी है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव महाजन ने बताया कि भरमौर से भरमाणी माता मंदिर तक रोपवे निर्माण के लिए सवा किलोमीटर की डीपीआर बनाकर स्वीकृति के लिए भेजी गई है। कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी रोपवे निर्माण की घोषणा कर चुके हैं।