प्रदेश में 19.5 लाख राशनकार्ड परिवार
हिमाचल प्रदेश में 19.5 लाख राशनकार्ड परिवार हैं, प्रदेश सरकार की ओर से उपभोक्ताओं को सब्सिडी में राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। चार बार टेंडर रद्द होने के बाद पांचवीं बार तेल का टेंडर फाइनल हुआ है। बीते तीन महीने से उपभोक्ताओं को डिपुओं में तेल नहीं मिला है। खाद्य आपूर्ति निगम का मानना है कि उपभोक्ताओं को सरसों तेल बाजार मूल्य से 30 से 35 रुपये सस्ता मिलेगा। डिपो में यह तेल फरवरी के पहले सप्ताह से मिलना शुरू हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार तीन दालें (मलका, माश और दाल चना) दो लीटर तेल (रिफाइंड और सरसों) चीनी और एक किलो नमक सब्सिडी पर दिया जा रहा है, जबकि गेहूं और चावल केंद्र सरकार उपलब्ध करा रही है। प्रदेश सरकार गेहूं की पिसाई कर उपभोक्ताओं को आटा उपलब्ध करवा रही है। खाद्य आपूर्ति निगम के निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि उपभोक्ताओं को तीन महीने तेल का कोटा फरवरी महीने में एक साथ मिलेगा।