शहर में नगर निगम की हैं 1300 से ज्यादा संपत्तियां हैं किराये और लीज पर, ऑनलाइन भुगतान की मिलेगी सुविधा नगर निगम की सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड भी होगा ऑनलाइन अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी में नगर निगम की सैकड़ों संपत्तियों का किराया अब कारोबारी घर बैठे जमा कर सकेंगे। यही नहीं शहर में निगम की कुल कितनी संपत्तियां हैं, यह किसके पास किराये या लीज पर हैं, किससे कितना किराया लेना है, पहली बार इसका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा।
प्राॅपर्टी टैक्स और कूड़ा शुल्क की तर्ज पर नगर निगम अब किराया बिल भुगतान की भी ऑनलाइन सुविधा देने जा रहा है। अगस्त से इस सेवा को लांच करने की तैयारी है। निगम ने इसका साॅफ्टवेयर तैयार कर लिया है। नगर निगम की वेबसाइट पर लीज रेंट पेमेंट नाम से इसका विकल्प उपलब्ध करवा दिया है। हालांकि इस पर अगस्त से ही भुगतान की सुविधा मिलेगी। शहर में नगर निगम की 1300 से ज्यादा संपत्तियां किराये और लीज पर हैं। इनमें 1100 से ज्यादा दुकानें शामिल हैं। ज्यादातर दुकानें लोअर बाजार, रामबाजार, सब्जी मंडी, आजीविका भवन, मालरोड, लक्कड़ बाजार, रिवोली मार्केट, संजौली, बालूगंज, विकासनगर क्षेत्र में हैं। आजीविका भवन को छोड़कर बाकी सभी दुकानदारों को किराये के सालाना बिल जारी होते हैं। निगम की कुछ संपत्तियां सरकारी विभागों को भी दफ्तर, स्टोर के लिए किराये पर दी हैं। कुछेक जगह जमीन भी लीज पर दी गई है।
अब कैश काउंटर पर नहीं लगेंगी लाइनें
किरायेदार अभी तक बिल जमा करने के लिए कैश काउंटर पर लाइनें लगाते थे। लेकिन अब यह घर बैठे ही इसका भुगतान कर सकेंगे। नगर निगम की संपदा शाखा इन दिनों किराये के बिल तैयार कर रही है। निगम प्रशासन का कहना है कि अगस्त के अंत तक सभी किरायेदारों को यह बिल जारी हो जाएंगे। इन बिलों का कैश काउंटर के अलावा आनलाइन भुगतान भी किया जा सकेगा।
कोट
अगस्त में शुरू होगी सुविधा : आयुक्त
इसी साल से कारोबारी किराया और लीज का आनलाइन भुगतान कर सकेंगे। अगस्त से इसकी ऑनलाइन सेवा शुरू करने जा रहे हैं। इसका साॅफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। -भूपेंद्र अत्री, आयुक्त नगर निगम शिमला