हिमाचल सरकार ने प्रदेश के करीब 17 लाख परिवारों को फिलहाल राहत दे दी है। अगले 6 महीनों तक डिपो में मिलने वाली दालों के दामों में बढ़ोतरी नहीं होगी। सरसों के तेल की दरों पर सरकार अगले माह कोई फैसला लेगी।
कैबिनेट ने बीते शनिवार को रियायती दरों पर मिलने वाली दालों और सरसों तेल पर सब्सिडी फिक्स करने का निर्णय लिया। इस फैसले के विरोध के चलते सरकार अब इसे तत्काल लागू नहीं कर रही है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने इसकी पुष्टि की है।
शिमला के पीटरहॉफ में अधिकारियों की मौजूदगी में मंत्री ने कहा कि दालों के रेट 6 माह तक वही रहेंगे, जो आज हैं। सरसों के तेल की कीमत बढ़ाने को लेकर अगले महीने ही कोई फैसला होगा।
मंत्रिमंडल ने दालों पर 20 रुपये और सरसों के तेल पर 10 रुपये की सब्सिडी फिक्स की है। इससे दालों और सरसों तेल के रेट बढ़ सकते हैं। सरसों का तेल डिपो में बाजार मूल्य से 60 रुपये कम कीमत पर दिया जा रहा है।
मंत्री के अनुसार इसमें अगर बढ़ोतरी होगी भी तो वो बहुत कम होगी। इसके अलावा डिपो में तीन तरह की दालें रियायती दरों पर दी जा रही हैं।
दाल चना 25 रुपये, दाल उड़द 34.99 रुपये और काबुली चना दाल 35.99 रुपये प्रति किलो की दर से राशनकार्ड धारकों को दिया जा रहा है। तीसरी दाल चार से अधिक सदस्यों वाले परिवारों को मिलती है। मार्केट में इनके रेट दोगुने या इससे ज्यादा हैं।