प्रदेश के प्रवेश द्वार परवाणू के टिपरा में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से वाहन चालकों को जल्द राहत मिल सकती है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को टिपरा टोल बैरियर पर सुचारू और जाम-मुक्त यातायात सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटेड/फास्टैग सिस्टम लागू करने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश के प्रवेश द्वार परवाणू के टिपरा में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से वाहन चालकों को जल्द राहत मिल सकती है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को टिपरा टोल बैरियर पर सुचारु और जाम मुक्त यातायात सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटेड/फास्टैग सिस्टम लागू करने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने उतांश मोंगा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश जारी किए। राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त ने अदालत में हलफनामा दायर कर स्पष्ट किया कि टोल बैरियर को सनवारा शिफ्ट नहीं किया जा सकता।
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यदि ऐसा किया गया तो कई अन्य संपर्क मार्गों के कारण बड़ी संख्या में वाहन टैक्स के दायरे से बाहर हो जाएंगे, जिससे राज्य के खजाने को भारी वित्तीय नुकसान होगा। टिपरा बैरियर पर ही ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए 13 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिसमें से 12 करोड़ की राशि लोक निर्माण विभाग को जारी भी कर दी गई है। यहां ट्रैफिक के दबाव और जाम को कम करने के लिए पांच नई टोल लेन बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए 3.365 हेक्टेयर भूमि पर वन मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। अदालत ने उम्मीद जताई है कि अगली सुनवाई से पहले सभी जरूरी वन मंजूरियां और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी जिससे पांच लेन टोल सुविधा का निर्माण बिना किसी देरी के शुरू हो सके। इस मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी।