प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर निगम को दिए हैं तीन घंटे में खोदी गई सड़क दुरुस्त करने के आदेश, सड़क खोदाई का कार्य बंद
निगम ने काम बंद कर शुरू किया मलबा हटाने का काम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के न्यू शिमला क्षेत्र के हजारों लोगों को सड़क की बेतरतीब खोदाई से हो रही परेशानी से राहत मिलने लगी है। प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने संबंधित कंपनी को सड़क दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने मौके पर सड़क से मलबा हटाने का काम भी शुरू कर दिया है।
कंपनी की टीमों ने मंगलवार को डीएवी से रझाणा तक और सेक्टर एक में सड़क किनारे लगे मलबे के ढेर हटाने शुरू कर दिए हैं। इससे लोगों को राहत मिली है। वाहनों की आवाजाही सुचारू होने लगी है। प्रदेश हाईकोर्ट ने तीन दिन के भीतर सड़क की मरम्मत के आदेश दिए हैं। नगर निगम आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को इस काम की जिम्मेदारी दी है। कुछ दिन पहले न्यू शिमला क्षेत्र में एक फाइबर कंपनी ने सड़क की खोदाई शुरू थी। फाइबर केबल बिछाने के लिए सड़क खोदी जा रही थी। कंपनी ने इस काम के लिए नगर निगम से मंजूरी ली थी। निगम ने रात के समय काम करने को कहा था ताकि दिन के समय लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े। उधर स्थानीय लोगों का कहना था कि कंपनी बेतरतीब तरीके से काम कर रही है। सड़क से न मलबा समय पर उठ रहा है और न ही नालियां भरी जा रही हैं। इससे न्यू शिमला में जाम लग रहा है। स्कूली बच्चे तक समय पर स्कूल नहीं पहुंच पा रहे थे।
पार्षद ने जताई थी आपत्ति
इस काम पर स्थानीय पार्षद निशा ठाकुर ने भी आपत्ति जताई थी। पार्षद ने लोगों की परेशानी को देखते हुए काम बंद करवाया था लेकिन निगम ने बाद में यह कहकर काम शुरू करवा दिया कि कंपनी ने इसके लिए पैसा जमा करवाया है। उधर लोगों का कहना था कि कंपनी काम के बाद मलबा तक सड़क से नहीं हटा रही। इससे यातायात वनवे हो रहा है। अब कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में सख्त आदेश जारी किए हैं। नगर निगम को काम रोकने और तीन दिन में सड़क दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। इन आदेशों का असर यह हुआ कि मंगलवार से ही सड़क पर रखा मलबा हटने लगा। पार्षद निशा ठाकुर का कहना है कि अब सड़क से मलबा हटाया जा रहा है। लोगों को राहत मिलने लगी है।