टीसीपी एक्ट के सेक्शन - 16 सी में यह प्रावधान पहले से है लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा था। ऐसे में कोर्ट ने इसे सख्ती से लागू करने को कहा था।बैठक में टीसीपी के निदेशक राजेश्वर गोयल, राजस्व विभाग के अधिकारी प्रवीण टाक के अलावा शहरी विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है कि जमीन की खरीद फरोख्त के चलते लोगों के लिए पैदल चलने वाले रास्ते और सड़क निकालने की गुंजाइश नहीं बचती थी। सीवरेज और पानी की पाइपें ले जाने में भी दिक्कतें पेश होती है। जमीन का विभाजन किए जाने के बाद प्लाट की रजिस्ट्री होने से लोगों को हर सुविधा मुहैया कराई जा सकेगी।