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Shimla News: अब पंजीकरण के बाद ही मां की गोद में आएगा बच्चा

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दत्तक ग्रहण करने के नए नियमों में पंजीकरण अनिवार्य, डीसी ने बैठक में दी नए नियमों की जानकारी
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केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के पास होगा पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सौतेले माता-पिता के लिए दत्तक ग्रहण (गोद लेना) करने के नए नियमों के अनुसार पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। यह कदम बच्चों के कल्याण और दत्तक ग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। इस नए नियम के तहत, ऐसे सभी दत्तक ग्रहणों को केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के पास पंजीकृत करवाना होगा। वहीं दिसंबर 2022 से सितंबर 2025 की अवधि के दौरान कुल 25 चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट को माता-पिता का प्यार मिला है।

यह जानकारी वीरवार को उपायुक्त कार्यालय में हुई बैठक में दी गई। इस नियम के तहत अब परिवार और रिश्तेदारी में किसी बच्चे को गोद लेने के लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह कदम कानूनी जटिलताओं से बचने और बच्चों के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया है। इसके लिए इच्छुक माता-पिता को सीएआरए की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा जिसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जिला दंडाधिकारी द्वारा दत्तक ग्रहण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
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देश के भीतर रिश्तेदारी में दत्तक ग्रहण वह प्रक्रिया है जिसमें भारत में रहने वाला कोई व्यक्ति अपने निकट संबंधी के बच्चे को कानूनी रूप से गोद लेता है। इसमें भाई-बहन, चाचा-चाची, मामा-मामी, बुआ-फूफा, दादा-दादी या अन्य पात्र रिश्तेदार शामिल हैं। इसमें जैविक माता-पिता की सहमति, दत्तक ग्रहण करने वाले अभिभावकों की पात्रता और दस्तावेज का सत्यापन आवश्यक है। सक्षम न्यायालय या प्राधिकारी के दत्तक ग्रहण आदेश जारी होने के बाद बच्चे को दत्तक माता-पिता की संतान के समान सभी कानूनी अधिकार मिलते हैं। यदि बच्चा पांच वर्ष या उससे अधिक आयु का है, तो उसकी सहमति जरूरी है। डीसी अनुपम कश्यप ने समाज के समृद्ध लोगों से अपील की है कि वह शिशु गृह और आश्रमों में पल रहे बच्चों को अपनाने के लिए आगे आएं।
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बच्चों को गोद लेने के नियम
जिला बाल संरक्षण अधिकारी इंदु शर्मा ने बताया कि भारतीय नागरिक, अप्रवासी भारतीय और विदेशी नागरिक सभी बच्चों को गोद ले सकते हैं। इसके लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) के नियमों का पालन करना जरूरी है। विवाहित दंपती की शादी को कम से कम दो साल पूरे होने चाहिए। गोद लेने वाले माता-पिता को कोई जानलेवा बीमारी नहीं होनी चाहिए और बच्चे तथा माता-पिता की उम्र में कम से कम 25 साल का अंतर होना चाहिए। पुरुष केवल लड़का गोद ले सकता है, जबकि महिला लड़का या लड़की दोनों को गोद ले सकती है। आवश्यक दस्तावेज में परिवार की तस्वीर, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, नवीनतम बिजली या टेलीफोन बिल, आयकर की प्रति, चिकित्सा प्रमाण पत्र, शादी या तलाक का प्रमाण पत्र, दो लोगों का बयान और पांच साल से अधिक उम्र के बच्चे की सहमति शामिल है।
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