बासमती चावल के दामों में भी तेजी, 170 रुपये प्रति लीटर बिक रहा सरसों तेल
शिमला। पेट्रोल-डीजल और गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों के बीच अब खाने के तेल के दाम भी बढ़ गए हैं। राजधानी में सरसों तेल और रिफाइंड फिर महंगा हो गया है। वहीं बासमती चावल के दाम भी बढ़े हैं।
शहर की अनाज मंडी में सरसों तेल दस तो उपनगरों में 20 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक माल भाड़ा बढ़ने और सरसों तेल की कम सप्लाई मिलने से इसके रेट बढ़ रहे हैं। अनाज मंडी में पी मार्का कंपनी का सरसों तेल 170 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। जनवरी में इसके रेट 155 से 160 रुपये तक थे। यहां दूसरी कंपनी का सरसों तेल भी 155 से 160 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं उपनगरों में सरसों तेल 170 से लेकर 190 रुपये तक बेचा जा रहा है। इसका प्रिंट रेट 195 रुपये तक है। ऐसे में कई कारोबारी प्रिंट रेट पर भी तेल बेचने लगे हैं। इसी तरह रिफाइंड भी 130 से 150 रुपये पहुंच गया है। बासमती चावल के दामों में भी दो से तीन रुपये प्रति किलो रेट बढ़ गए हैं। कसुम्पटी व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि मालभाड़ा बढ़ने से रेट बढ़े हैं। बुधवार को बासमती चावल की सप्लाई आई है। पांच किलो पैकिंग के रेट दस से 20 रुपये तक बढ़ गए हैं।
राजधानी में महंगी हुई ढुलाई और लेबर
शहर में माल की ढुलाई और लेबर दोनों महंगे हो गए हैं। अनाज मंडी से कसुम्पटी तक राशन ले जाने के लिए पहले छोटी पिकअप चालक तीन सौ रुपये लेते थे। लेकिन अब चार सौ रुपये ले रहे हैं। अनाज मंडी में पिकअप में यह सामान लोड करने वाली लेबर भी अब 140 की जगह 180 रुपये ले रही है। कसुम्पटी में सामान अनलोड के लिए 90 की जगह 130 रुपये लेबर खर्च आ रहा है। बाकी उपनगरों के लिए भी किराया बढ़ा है।
थोक रेट 155 रुपये प्रति लीटर : ठाकुर
शिमला व्यापार मंडल के महासचिव एवं अनाज मंडी के कारोबारी संजीव ठाकुर ने कहा कि होलसेल में ही तेल 155 रुपये तक आ रहा है। रिटेल में इसके रेट 170 तक पहुंच रहे हैं। कहा कि सरसों की कम सप्लाई, मालभाड़ा बढ़ने से भी रेट बढ़े हैं।