नगर निगम शिमला में 13 सालों से सफाई कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है। निगम में सफाई कर्मियों के 100 पद रिक्त पड़े हैं। शहर के 25 वार्डों में सफाई व्यवस्था का जिम्मा 300 कर्मियों पर है। सफाई कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए नगर निगम ने सैहब सोसाइटी से 100 कर्मचारियों को अनुबंध पर भी ले रखा है।
एक वार्ड में 12 से 15 सफाई कर्मियों की जरूरत है जबकि वर्तमान में वार्डों 2 से 8 कर्मी ड्यूटी दे रहे हैं। लिहाजा इस दशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत का अभियान राजधानी शिमला में सिरे चढ़ना मुश्किल नजर आ रहा है। सफाई कर्मचारियों को 25 वार्ड में लगाया गया है। क्रमबद्ध तरीके से इनकी ड्यूटी लगाई जाती है।
शिमला की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी इलाकों से अलग हैं। लिहाजा एक कर्मचारी कितने एरिया में सफाई करेगा यह तय नहीं किया जा सका है। साल 2001 के बाद से नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है। स्टाफ की कमी के चलते सफाई कर्मी निगम की गाड़ियां भी चला रहे हैं। नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि स्टाफ की भर्ती का मामला सरकार के समक्ष उठाया गया है।