हिमाचल में पंचायत सहायकों की भर्ती पर जल्दी फैसला ले लिया जाएगा कि इस बारे में लिखित परीक्षा ली जानी है या कुछ और तरीका अपनाया जाए। यह जानकारी वीरवार को राज्य सचिवालय में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा ने दी है।
शर्मा ने कहा कि चूंकि बड़ी संख्या में आवेदकों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है, इसलिए इस भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया है। पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि भर्ती किस तरीके से हो। इस भर्ती को सीधे साक्षात्कार के माध्यम से लिया जा रहा था।
कंप्यूटर डिप्लोमा और प्रशिक्षण के अलग से मार्क्स रखे गए थे। इसी के लिए बड़े स्तर पर जाली प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया गया। अनिल शर्मा ने कहा कि वह विभाग में मंत्रणा कर रहे हैं कि इस भर्ती प्रक्रिया को अब कैसे किया जाए। हो सकता है कि लिखित परीक्षा ही इसका समाधान हो, मगर सभी विकल्पों पर अभी विचार-विमर्श हो रहा है।