शिक्षा विभाग के 124 खंडों में खंड स्रोत समन्वयकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान और सर्व शिक्षा अभियान में नियुक्तियों पर शिक्षकों ने सवाल उठाते हुए सरकार से प्रक्रिया बंद करने की मांग की है। आरोप है कि हर ब्लॉक में दो-दो बीआरसीसी रखे जाने हैं, लेकिन अधिकतर जिलों में पर्याप्त आवेदन नहीं पहुंचे। बावजूद इसके विभाग ने साक्षात्कार शुरू कर दिए हैं। ये 17 जनवरी तक चलने हैं।
प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव संजय अत्री ने कहा कि बीआरसीसी भर्ती नियमों में नीति को लेकर मामला हाईकोर्ट में लंबित है। विभाग से भर्ती नियमों और बीआरसीसी पॉलिसी को लेकर जवाब मांगा गया है, जो अभी दायर नहीं किया गया है। अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।
नहीं पहुंचा एक भी आवेदन
मामले में संबंधित विभाग से भर्ती प्रक्रिया रोकने को कहा गया है। इस संदर्भ में सात जनवरी को निदेशक प्राथमिक शिक्षा, परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को नोटिस दिया गया है। विभाग फिर भी साक्षात्कार करवाने पर तुला है। कहा कि बीआरसीसी भर्ती पर तीन दर्जन से अधिक मामले पहले ही हाईकोर्ट में हैं। यही नहीं, प्रदेश के 124 शिक्षा खंडों में में 248 पदों के लिए पर्याप्त पात्र शिक्षक नहीं मिल रहे हैं।
कई शिक्षा खंड ऐसे हैं, जहां किसी भी शिक्षक ने इन पदों के लिए आवेदन ही नहीं किया है। सिरमौर में शिक्षा खंड नौहराधार नारग में प्राथमिक बीआरसीसी के पदों को किसी भी शिक्षक ने आवेदन नहीं किया। कांगड़ा, शिमला, ऊना, लाहौल-स्पीति, मंडी, किन्नौर सहित करीब सभी जिलों के खंडों में भी कम आवेदन आए।
इस कारण उठे हैं भर्ती पर सवाल
- कुल भरे जाने वाले पदों के लिए पूरे नहीं हो पा रहे पात्र शिक्षक
- गलत और त्रुटिपूर्ण नीति के कारण नहीं शिक्षक नहीं कर पाए आवेदन
- बहुत से शिक्षा खंडों में किसी भी शिक्षक ने नहीं किया आवेदन।
- उच्च न्यायालय में लंबित है मामला
- कोर्ट का फैसला आने से पूर्व कैसे शुरू हुए साक्षात्कार