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अब लोक सेवा आयोग करेगा इन 36 बोर्डों-निगमों, 4 सहकारी बैंकों की भर्तियां

Thu, 18 Oct 2018 10:16 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल के चार सहकारी बैंकों, 36 निगमों-बोर्डों, एचआरटीसी, बिजली-शिक्षा बोर्ड, दोनों नगर निगमों समेत अन्य स्वायत्त और अर्द्धसरकारी संस्थानों में भर्तियां अब राज्य लोक सेवा आयोग करेगा।

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प्रदेश विधानसभा में पारित अधिनियम को राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य सरकार के विधि विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। बुधवार से ये अधिनियम लागू हो गया है। अब तक राज्य लोक सेवा आयोग केवल सरकारी विभागों के लिए ही भर्ती करता था।

हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में लोक सेवा आयोग का दायरा सार्वजनिक क्षेत्र के कई उपक्रमों तक बढ़ाने के लिए यह बिल पारित किया गया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (अतिरिक्त कृत्य) अधिनियम 2018 लागू हो गया है।
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इस विधेयक के पारित होने के बाद इसे परंपरानुसार राजभवन भेजा गया था। बीते दिनों राजभवन से यह मंजूरी आ गई। प्रधान सचिव विधि यशवंत सिंह चोगल ने बुधवार को इस अधिनियम को अधिसूचित कर दिया। 

इन संस्थानों की भर्तियां करेगा आयोग 

राज्य सहकारी बैंक, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक, जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक, सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक, एचआरटीसी, बिजली बोर्ड, स्कूल शिक्षा बोर्ड, हिमुडा, नागरिक आपूर्ति निगम, हिमाचल प्रदेश वित्त निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, एचपीजीआईसी, एचपीएमसी, राज्य कौशल विकास निगम, प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम, पावर कारपोरेशन, राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम, इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन, वन निगम, हथकरघा निगम, औद्योगिक विकास निगम, सड़क एवं अन्य आधारभूत ढांचा निगम, पर्यटन विकास निगम, दोनों नगर निगम, पावर ट्रांसमिशन।
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बैंकों और एचआरटीसी की भर्तियां रही विवादों मेें 

कारपोरेशन, एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन, मिल्कफेड, समाज कल्याण बोर्ड, बाल कल्याण परिषद, कामगार कल्याण बोर्ड, आधारभूत ढांचा बोर्ड, खादी बोर्ड, मार्केटिंग बोर्ड, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, तकनीकी शिक्षा बोर्ड और राज्य सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता प्रसंघ। 

इससे पूर्व सहकारी बैंकों और एचआरटीसी की ओर से की गई भर्तियां विवादों में रह चुकी हैं। माना जा रहा है कि पूर्व में रहे भर्ती विवादों के कारण ही जयराम सरकार ने यह नया कानून बनाया है। अब इन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में रिक्तियों को भी आयोग के माध्यम से समयबद्ध भरा जा सकेगा। 
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