सामान्य क्षेत्रों में नियुक्त शिक्षकों को कम अंक मिलेंगे। बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे परिणाम देने वालों और राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार शिक्षकों को अधिक अंक मिलेंगे। अधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षकों को शहरों के आसपास रखा जाएगा, जबकि कम अंक लेने वाले शिक्षकों को दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में भेजा जाएगा। शैक्षणिक सत्र के बीच शिक्षकों की सेवानिवृत्ति नहीं करने का भी कैबिनेट बैठक में फैसला होगा।
संस्थानों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए एक शैक्षणिक सत्र के दौरान विभिन्न महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को एक साथ एक तारीख को सेवानिवृत्त करने का विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की तर्ज पर शिक्षा विभाग रिटायरमेंट पॉलिसी बदलने जा रहा है। प्रदेश विश्वविद्यालय में जून में एक साथ शिक्षकों को सेवानिवृत्त किया जाता है। ऐसे में संभावित है कि प्रदेश सरकार शिक्षकों की एक साथ सेवानिवृत्ति के लिए 31 मार्च की तारीख तय कर सकती है।