केंद्र सरकार के सचिव जल संसाधन के साथ बैठक में इस मामले को उठाया जाएगा और प्रभावित परिवारों के लिए उदारवादी मदद का आग्रह किया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से भी अगले माह राजस्व विभाग के साथ मंत्री स्तरीय बैठक होगी। पौंग बांध विस्थापितों के राहत एवं पुनर्वास के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने बुधवार को राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी को अपनी रिपोर्ट सौंपी। समिति में उपायुक्त राहत एवं पुनर्वास डॉ. संजय कुमार धीमान, उपमंडलाधिकारी जवाली विचित्र सिंह और तहसीलदार देहरा कर्म चंद कालिया शामिल रहे।
डॉ. संजय कुमार धीमान की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने रिपोर्ट में 6,736 परिवारों को भूमि आवंटन की सिफारिश की है। इसके अलावा अधोसंरचना संबंधित समस्याओं और अन्य सुविधाओं के लिए शिकायत निवारण सेल गठित करने का भी सुझाव दिया है। डॉ. धीमान ने बताया कि पौंग बांध विस्थापितों के राहत एवं पुनर्वास के लिए 18 अक्तूबर को धर्मशाला में राज्यस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी।
परियोजना के लिए 339 गांवों का अधिग्रहण किया, 20,722 परिवार हुए थे प्रभावित
डॉ. संजय ने कहा कि पौंग बांध परियोजना के लिए वर्ष 1966-67 में 75,268 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। इस परियोजना के लिए 339 गांवों का अधिग्रहण किया गया और 20,722 परिवार प्रभावित हुए। भूमि आवंटन के लिए 16,352 परिवार पात्र पाए गए। 4,370 परिवारों के पास भूमि नहीं थी, जो प्लॉट आवंटन के लिए पात्र पाए गए। प्रदेश सरकार की ओर से 15,385 परिवारों को पात्रता प्रमाणपत्र जारी किए गए। 6,736 परिवारों का अभी पुनर्वास किया जाना है।