ब्रांड हिमालय के विकास के लिए भी आह्वान किया गया। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए हिमालयी राज्यों की क्षतिपूर्ति की सिफारिश की गई।सम्मेलन के समापन पर सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि शिखर सम्मेलन में की गई सिफारिशों का अध्ययन सरकार की ओर से कार्यान्वयन के लिए किया जाएगा।
आठ देशों में फैले हिमालयी क्षेत्र को भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए। आईएमआई के अध्यक्ष सुशील रामोला ने चुनौतियों का सामना करने के लिए एकसाथ आने की आवश्यकता पर बल दिया।
कहा कि हिमालयी क्षेत्र हिमनदों के पिघलने, बाढ़, धूल भरी आंधियों और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रतिकूल रूप से प्रभावित है। शूलिनी विवि के कुलपति पीके खोसला के अलावा चार पूर्व मुख्य सचिव, पांच कुलपति, सिविल सोसायटी के सदस्य और आईएमआई के सलाहकार शामिल हुए।