हिमाचल के सिरमौर जिले के रहने वाले 'द ग्रेट खली' उर्फ दिलीप सिंह राणा ने रेस्लिंग छोड़ने से दूर होने के बाद अपना फ्यूचर प्लान तैयार कर लिया है। वह देश को तीन और खली देने वाले हैं।
पांवटा स्थित अपने निवास पर 'अमर उजाला' से की खास बातचीन में खली ने कहा कि वह देश के तीन और युवाओं को डब्ल्यूडब्ल्यूई में ले जाएंगे। ये पंजाब, हरियाणा तथा चंडीगढ़ से हैं। इनकी ट्रेनिंग भी चल रही है।
खली ने कहा कि कई राज्यों से उन्हें खेल अकादमी को भूमि देने के ऑफर मिले थे। कुछ वर्ष पहले पांवटा में अकादमी खोलने की योजना बनाई थी। मगर बाद में ये योजनाएं जमीन मिलने से फेल हो गई।
जालंधर में शुरू हो रही है अकादमी
ग्रेट खली उर्फ दलीप सिंह राणा ने कहा कि यदि उत्तराखंड से ब्रांड एंबेसडर बनने का ऑफर मिला तो विचार करेंगे। अभी पूरा ध्यान रेसलिंग को भारत में बढ़ावा देने पर केंद्रित है। अगले सप्ताह जालंधर में प्रशिक्षण अकादमी शुरू करने जा रहे हैं।
खली ने कहा कि इस खेल को भारत में नए सिरे से शुरू करने की हसरत है। पिछले 14 वर्षों के अनुभव को इसमें लगाएंगे। अमेरिका के रेसलर बुकरटी समेत कुछ दोस्तों ने भी भारत आने का वायदा किया है। पंजाब के जालंधर में अकादमी खोल रहे हैं।
सोमवार को उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत से मिले। मुलाकात को लेकर ग्रेट खली ने कहा कि उत्तराखंड के सीएम तथा सरकार खेलों को बढ़ावा देने को गंभीर है।
अंडरटेकर तक को धूल चटा चुके थे खली
द ग्रेट खली का करिअर बेहद शानदार रहा था। अपने करिअर में वे डब्ल्यूडब्ल्यूई चैंपियन बने थे। उन्होंने बतिस्ता को हराकर ये खिताब जीता था। अपने करिअर में खली ने डेड मैन कहे जाने वाले अंडर टेकर तक को दस मिनट में हरा दिया था।
शुरुआत में तो खली का इतना डर था कि सभी रेस्लर उनसे टकराने से घबराते थे। मगर धीरे धीरे उनकी फिटनेस के साथ ही करिअर भी खत्म होता गया। आखिरी दिनों में खली दर्शकों के पंसदीदा बन गए थे।
उधर, उनके गांव के लोग गर्व से फूले नहीं समाते। जो लोग कभी उन्हें बेकार मानते थे, आज वही सिर ऊंचा कर खली पर गर्व करते हैं।