लारजी बांध के पानी में बहे हैदराबाद के इंजीनियरिंग संस्थान के छात्र-छात्राओं ने दुनिया को अलविदा कहने से पहले हिमाचल के नदी-पहाड़ों की खूब तारीफ की थी। क्या पता होगा कि इस खूबसूरती से खेलना जानलेवा होगा।
इन छात्रों ने अपनी मौत से पहले पहाड़ी सफर की खुशगवारी को फेसबुक पर भी शेयर किया। पानी में बहे अखिल मिट्टापेली ने कई फोटो और कमेंट पोस्ट किए।
फेसबुक पर अन्य छात्र-छात्राएं भी सक्रिय थे। इन्होंने भी दोस्तों के साथ खिंचवाए फोटो फेसबुक पर शेयर किए थे।
किसने क्या कहा था फेसबुक पर
तेलंगाना के वारांगल से चार जून को अखिल मिट्टापेली ने फेसबुक पर कमेंट किया - जर्नी स्टार्टेड टुवर्ड नोर्थ..ट्रेवलिंग टू आगरा विद शिवा प्रकाश वर्मा मेनथाना, अरविंद कल्याण गोनूर, राम बाबू, पर्वतानेनी नव्या, विष्णुवर्द्धन रेड्डी, आशीष मांथा..।
इस पर अखिल के फ्रेंड आदित्य रा का भी कमेंट है - मौज करो भाई! वापस अच्छी यादगार के साथ आना। दूसरा कमेंट श्रीकांत मिट्टापेल्ली का है - मौज करो भाई...आपकी यात्रा सुरक्षित और सुखद हो..।
फिर छह जून को सवेरे आठ बजकर नौ मिनट पर अखिल मिट्टापेल्ली का ताजमहल के बाहर दोस्तों के साथ एक फोटो सहित कमेंट है - श्रीनिधि रेड्डी दसारी, शिव प्रकाश वर्मा मेनथाना, विष्णुवर्द्धन रेड्डी, पर्वतानेनी नव्या के साथ आश्चर्यजनक महसूस कर रहा हूं।
फोटो पर जमकर किए थे कमेंट्स
साथ में पोन्नम श्रीकंद गाउड का एक कमेंट है - रेस्ट इन पीस रा..। आठ जून, रविवार को 1.38 बजे शिमला के निकट किसी स्थान से अखिल एक फोटो पोस्ट करते हैं।
इस पर कमेंट करते हैं - पहाड़ों के बीच से नदी घाटी के बीच से मनाली का सफर बहुत ही आनंददायी है। इसे तो 91 लोगों ने लाइक किया।
लाइक करने वालों में पानी में बहने वाले छात्र-छात्राएं भी हैं। कमेंट तो अब तक चल रहे हैं।
मंगलवार को कमेंट - कम बैक सून डुडे
अखिल मिट्टापेली के खींचे पहाड़ के फोटो के साथ मंगलवार (नौ जून) को भी उनके मित्र रघु राव का कमेंट आया - कम बैक सून डुडे।
संजुना सेंडी का भी ताजा कमेंट है - होप यू आर सेफ। आदित्य श्रीराम का आशीष मांथा के लिए कमेंट है - कम बैक सून मांथा।
ऐसे कमेंट रविवार को इस घटना के बाद से ही चल रहे हैं।