राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने कहा है कि शिक्षा निदेशक के खिलाफ उनके आरोप भ्रष्टाचार का कड़वा सच्च है। उनकी लड़ाई सरकार से नहीं भ्रस्टाचार से है। यह बिना रूके बिना थके चलती रहेगी।
ज्वालामुखी में पत्रकारों से बातचीत में धवाला ने कहा कि सरकार में मंत्री न बन पाने के कारण उनकी नाराजगी की खबरें झूठ का पुलिंदा हैं। वह सरकार द्वारा दिए गए दायित्व से पूरी तरह संतुष्ट है।
धवाला ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचारी शासन से तंग आकर जनता ने सुशासन के लिए भाजपा को प्रदेश की बागडोर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार को सौंपी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बतौर कॉलेज प्रधानाचार्य शिक्षा निदेशक ने कांग्रेस नेताओं के साथ मिलीभगत करके नियमों व सिद्धांतों को धत्ता बताते हुए मनमर्जी की। कॉलेज में उस बक्त शिक्षा निदेशक ने 33 लोगों की पिछले दरवाजे से भर्ती की।