तीसरे मोर्चे के संकेत दे चुके ध्वाला
वहीं, वह अपने बयानों में तीसरे मोर्चे के संकेत दे चुके हैं, जो भाजपा हाईकमान की चिंता बढ़ाते दिख रहे हैं। संभव है देहरा में शुक्रवार को आयोजित बैठक के बाद धवाला भाजपा के प्रदेश के तमाम नाराज नेताओं को एक साथ लाने की मुहिम में जुटेंगे। ऐसा कर पाए तो भाजपा में नया बखेड़ा तय है। विशेषकर उन हलकों में, जहां भाजपा ने पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को छोड़कर बाहरी नेताओं को तवज्जो दी थी। हालांकि, धवाला के साथ कौन हाथ मिलाता है और कौन भाजपा में डटा रहता है, ये भी दिलचस्प रहेगा। माना जा रहा है कि इसी माह रमेश धवाला तीसरे मोर्चे के गठन लिए भाजपा से नाराज चल रहे नेताओं से एक एक करके बैठक करना शुरू कर देंगे।
नए लोगों का हो स्वागत, पुरानों के सम्मान में न रहे कमी : शांता
प्रदेश भाजपा में चला रही गतिविधियों और उसमें हो रही बातों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार मुखर हुए उन्होंने कहा कि संकट के समय जिन भाजपा नेताओं ने करोड़ों रुपये की थैली को ठोकर मारकर पार्टी के सम्मान की रक्षा की है, ऐसे नेताओं का सम्मान का ध्यान रखना चाहिए। शांता कुमार ने किसी नेता या कार्यकर्ता का नाम नहीं लिया। लेकिन, देहरा में रमेश धवाला के छलक रहे दर्द को देखकर अपरोक्ष रूप से शांता कुमार ने अपना बात रखी है। 1998 में बतौर निर्दलीय विधायक बने रमेश धवाला ने करोड़ों रुपये के प्रलोभन को छोड़कर भाजपा का साथ देकर प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनाई थी। शांता ने कहा कि पार्टी में नए लोग आते हैं, लेकिन पुराने लोगों के मान-सम्मान में कोई अंतर नहीं आना चाहिए। नए आने वाले नेताओं को पूरा मान सम्मान मिले, लेकिन पुरानों का मान-सम्मान बराबर रहे। पूरे भारत में भाजपा आज एक महा शक्ति के रूप में खड़ी है। लेकिन हिमाचल भाजपा में चिंताजनक स्थिति बनती दिखाई दे रही है। इससे पूरी पार्टी में चिंता व्याप्त है।