प्रदेश में लोकसभा चुनाव तो खत्म हो गया, लेकिन बाबा रामदेव ने निर्वाचन और प्रदेश के अफसरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रामदेव की ओर से 28 अप्रैल को दाखिल जनहित याचिका पर तो हाईकोर्ट ने तत्काल राहत नहीं दी थी, पर प्रधान सचिव गृह, मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल और जिला निर्वाचन अधिकारी कांगड़ा से जवाबतलब किया है।
इस प्रकरण में चार सप्ताह के भीतर अफसरों को अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखना है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में 28 और 29 अप्रैल को बाबा रामदेव का योग शिविर होना था। प्रशासन ने पहले शिविर के लिए अनुमति दे दी थी।
ऐन वक्त में शिविर की अनुमति निरस्त कर दी गई थी। इसको लेकर रामदेव की ओर से हिमाचल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। इस प्रकरण में कोर्ट ने सूबे के प्रधान सचिव गृह, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी कांगड़ा को पक्षकार बनाया है।
दो दिन पहले ही हाईकोर्ट के नोटिस की प्रति मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी प्राप्त हुई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान ने बताया कि हाईकोर्ट में तय समय सीमा के भीतर निर्वाचन का पक्ष रख दिया जाएगा।