पठानिया ने कहा, मत्स्य पालन के लिए तालाब के नाम पर भी पट्टे मिले हैं, लेकिन वहां खनन हुआ, मछलीपालन नहीं। मंत्री से इसके आंकड़ों के साथ अवैध क्रशरों पर कितना जुर्माना हुआ? इसकी सूचना मांगी। मंत्री बोले - फिशिंग पांड की जानकारी उनके पास नहीं है।
साथ ही बोले - प्यार से सवाल पूछिए, आप हमारे मित्र हैं और हमारे ही दल के हैं। इस पर पठानिया कुछ समय के लिए चुप हो गए। इसके बाद भटियात से भाजपा विधायक विक्रम सिंह जरियाल ने अपने अनुपूरक प्रश्न में पूछा - उनके विस क्षेत्र में अवैध क्रशर चल रहे हैं।
क्रशर मालिक के पास न वन विभाग की अनुमति है और न अन्य दस्तावेज? इस पर मंत्री बोले - जांच करवा के देखेंगे। विधायक राकेश सिंघा ने चिंतपूर्णी वन माइनिंग माफिया से संबंधित सवाल किया।
कहा कि पूर्व चंद पर माफिया ने हमला किया था। सरकार ने उनकी गिरफ्तार की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस पर मंत्री बोले - मुख्यमंत्री स्वयं मौके पर गए थे। क्रशर सील कर दिया है।
नूरपुर के विधायक मंत्री की ओर इशारा करते हुए बोले - हमें सरकार सौगत में मिली है। ऐसे में मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा, मैं आपके क्षेत्र का दौरा करूंगा। मुझे आपके जाने का सौभाग्य मिलेगा। आपके साथ जाकर मेरा भी ज्ञान बढ़ेगा, आपके सवाल से लगता है कि आपने इसमें पीएचडी कर ली है।
खनन मामले में 80 करोड़ की राशि पेंडिंग
राकेश पठानिया के सवाल पर उद्योग मंत्री ने कहा कि चक्की खड्ड् में 40 स्टोन क्रशर लगाने की अनुमति दी गई है। नूरपुर और इंदौरा सब डिविजन में 22 यूनिट बंद कर दिए हैं। 18 यूनिट का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।