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राजकीय अध्यापक संघ: महंगी साबित होगी पदोन्नति के कोटे से छेड़छाड़

Tue, 16 Nov 2021 09:22 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा की मुख्याध्यापक से  प्रधानाचार्य के पद तक पहुंचने वाले शिक्षकों का कैडर 50,000 से अधिक बनता है। पदोन्नति के कोटे से छेड़छाड़ की गई तो सरकार को 2022 के चुनाव में सीधा-सीधा 50000 शिक्षकों और उनके परिवारों की नाराजगी का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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राजकीय अध्यापक संघ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा की मुख्याध्यापकों और प्रवक्ताओं की प्रधानाचार्य पदोन्नति के 50: 50 के कोटे के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास आने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार के लिए महंगा साबित होगा है। चौहान ने कहा कि 2018 के बाद 2021 में 3 वर्ष बाद निदेशक ने दोनों वर्गों के पदोन्नति कोटा जो 50:50 निर्धारित किया गया है, उसके साथ बदलाव कर एक वर्ग को फायदा देने का जो प्रयास किया जा रहा है।

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इससे सरकार की मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं। एक तरफ जहां 6000 लोग इसके समर्थन में होंगे। वहीं 50000 शिक्षक इसके विरोध में खड़े हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि यहां पर बात मुख्याध्यापकों की नहीं है बल्कि वास्तव में फीडिंग कैडर टीजीटी तथा पदोन्नत प्रवक्ता वर्ग की है। जिनकी संख्या 25000 से अधिक है। इससे अतिरिक्त जेबीटी एवं सीएंडवी टीचर्स भी टीजीटी पदोन्नत होने के बाद इसी माध्यम से मुख्याध्यापक तक पहुंचते हैं इसलिए इन सब को मिला लिया जाए तो मुख्याध्यापक से  प्रधानाचार्य के पद तक पहुंचने वाले शिक्षकों का कैडर 50,000 से अधिक बनता है।

दूसरी तरफ प्रवक्ताओं से प्रधानाचार्य बनने वाला वर्ग 6000 से 8000 है। चौहान ने कहा की स्कूल प्रवक्ता संघ के अधिवेशन में उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि बाकी वर्गों और संघों के साथ बात कर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रवक्ता वर्ग के कोटे में वृद्धि पर विचार करेंगे। लेकिन बाद में जब अध्यापक संघों ने मुख्यमंत्री के समक्ष वस्तुस्थिति रखी जिसमें 50,000 शिक्षकों के मुख्याध्यापक के कोटे के साथ जुड़े होने की पुष्टि हुई तो ये बात वहीं खत्म हो गई थी।
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अब तीन साल बाद यह राग लगाना शुरू कर दिया है जिससे सरकार को 2022 के चुनाव में सीधा-सीधा 50000 शिक्षकों और उनके परिवारों की नाराजगी का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। चौहान ने कहा कि इससे साबित होता है कि शिक्षा निदेशक सरकार के मिशन रिपीट के काम में आग में घी डालने जैसा काम कर रहे हैं।

पदोन्नति कोटे के विरोध में शिक्षा निदेशक से मिले शिक्षक
हिमाचल प्रदेश मुख्य अध्यापक प्रधानाचार्य अधिकारी संवर्ग एसोसिएशन की बैठक शिक्षा निदेशक कार्यालय शिमला में उच्च निदेशक अमरजीत शर्मा शिक्षा की अध्यक्षता में हुई। संघ का नेतृत्व प्रदेश प्रधान विजय गौतम ने किया, वहीं इस बैठक में प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक संवर्ग महासंघ के चेयरमैन विजेंद्र ठाकुर की उपस्थिति में हिमाचल प्रदेश पदोन्नत प्रवक्ता संघ के प्रधान यशवीर जमवाल हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ के प्रदेश प्रधान नरेंद्र ठाकुर हिमाचल प्रदेश प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक कला के पदाधिकारी एवं अन्य अध्यापक संगठन पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए।

मुख्याध्यापकों एवं सीधी भर्ती वाले प्रवक्ताओं के लिए प्रधानाचार्य पद के 1992 के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में कोटे में बदलाव लाने की मुहिम का जोरदार शब्दों में पूर्ण तथ्यों सहित विरोध दर्ज किया गया तथा हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में मान्यता प्राप्त 14 संगठनों में से अधिकतर संगठनों का लिखित विरोध भी दर्ज करवाया। इस बैठक में शिक्षा निदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा सचिव को प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक संवर्ग के लगभग 26000 अध्यापकों और जेबीटी, सीएंडवी अध्यापकों की संख्या सहित लगभग 60000 अध्यापकों के हित सुरक्षित रखने का तथ्यपूरक मांग पत्र प्रेषित किया गया।

इस बैठक में हिमाचल प्रदेश मुख्य अध्यापक अधिकारी संवर्ग के महासचिव ध्रुव पटियाल, प्रदेश प्रवक्ता अजय शर्मा, प्रधानाचार्य डॉ. रत्न सिंह वर्मा, प्रधानाचार्य  सुनील शर्मा, मुख्य अध्यापक मनोज पाल सिंह परिहार, विज्ञान अध्यापक चंद्रकेश धीमान, विज्ञान अध्यापक संजीव कुमार के अलावा लवलीन ठाकुर, मंगलेश्वर गनेरिया, भाग सिंह प्रधानाचार्य एवं अन्य पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

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